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चित्रांगन फेस्टिवल के दूसरे दिन हुआ फिल्मों का प्रदर्शन, AI सिनेमा चर्चा और ‘गुड़िया की शादी’ का मंचन

Films screened on the second day of Chitrangana Festival

Films screened on the second day of Chitrangana Festival

Films screened on the second day of Chitrangana Festival: रीवा के कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में चल रहे 6वें चित्रांगन इंटरनेशनल फिल्म एंड थिएटर फेस्टिवल का दूसरा दिन भावनाओं और प्रेरणा से भरपूर रहा। रंग उत्सव नाट्य समिति द्वारा आयोजित इस निःशुल्क महोत्सव में शहरवासियों ने हॉलीवुड और भारतीय निर्देशकों की चुनिंदा शॉर्ट फिल्मों का लुत्फ उठाया, जो दर्शकों को गहराई से छू गईं।

प्रमुख शॉर्ट फिल्म स्क्रीनिंग में आशुतोष मिश्रा की हृदयस्पर्शी कहानी ‘बापू मोहे ट्रैक्टर दिला दे’, रयान एल्किंस की अवार्ड विजेता ‘स्माल टॉक्स’, टॉम रुडॉक निर्देशित ‘अनस्पोकन’, नितिन चंद्रा की सांस्कृतिक रचना ‘छठ’ और बिस्वनाथ रथ की पुरस्कार प्राप्त ‘चारिकांधा’ शामिल रहीं। इन फिल्मों ने सामाजिक-भावनात्मक मुद्दों को इतने प्रभावी ढंग से उठाया कि सभागार तालियों की गूंज से गूंज उठा। संवाद और मार्गदर्शन सत्र भी खास रहे।

पत्रकार एवं कला समीक्षक जयंत तोमर ने विचार-विमर्श किया। पुणे से पधारे AI फिल्म मेकर अविनाश जैन ने “मीडिया, सिनेमा और समाज: नई पीढ़ी की जिम्मेदारी” पर गहन मार्गदर्शन दिया। मीडिया और रंगमंच से जुड़े छात्रों के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने नई पीढ़ी को प्रेरित किया। शाम का आकर्षण रहा मध्य प्रदेश नाट्य अकादमी के निदेशक संजय श्रीवास्तव द्वारा निर्देशित नाटक ‘गुड़िया की शादी’ का मंचन।

यह महोत्सव 28 जनवरी से चल रहा है। जो 1 फरवरी तक चलेगा। महोत्सव प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक विभिन्न सत्रों में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। 30 और 31 जनवरी को भी अंतरराष्ट्रीय-राष्ट्रीय शॉर्ट फिल्में, नाटक, मास्टर क्लास और सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने को मिलेंगे।

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