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रीवा कलेक्ट्रेट में गौसेवकों का उग्र प्रदर्शन: गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और अलग ‘गौ मंत्रालय’ बनाने की मांग, सौंपा ज्ञापन

Fierce protest by cow protectors at Rewa CollectorateFierce protest by cow protectors at Rewa Collectorate

Fierce protest by cow protectors at Rewa Collectorate

रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में गौवंश की सुरक्षा और गौहत्या पर कड़े प्रतिबंध की मांग को लेकर गौसेवकों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को भारी संख्या में एकजुट हुए गौसेवकों ने रीवा कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर जोरदार और उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में बेसहारा गौवंश की दुर्दशा पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन के नाम एक ज्ञापन सौंपा। गौसेवकों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि गायों के संरक्षण, संवर्धन और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए राज्य में एक अलग ‘गौ मंत्रालय’ का गठन किया जाए।

लावारिस गौवंश की स्थिति पर चिंता, सख्त कानून की मांग

कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान गौसेवकों ने कहा कि सड़कों पर घूम रहे बेसहारा और लावारिस गौवंश की स्थिति अत्यंत चिंताजनक और हृदयविदारक हो चुकी है। देखरेख के अभाव में गौवंश हादसों का शिकार हो रहे हैं और तस्करों के निशाने पर हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा; गायों की उचित देखभाल, सुरक्षित आवास (गौशालाओं) की व्यवस्था और उनकी सुरक्षा के लिए कड़े व सख्त कानूनी कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है।

समर्पित ‘गौ मंत्रालय’ से ही संभव है स्थाई समाधान

गौसेवकों का मानना है कि गौवंश की समस्याओं का स्थाई समाधान तभी संभव है जब इसके लिए एक समर्पित ‘गौ मंत्रालय’ बनाया जाए। अलग मंत्रालय होने से गौ संरक्षण के लिए बजट, योजनाएं और सुरक्षा नीतियां सुचारू रूप से लागू की जा सकेंगी। प्रदर्शन के अंत में गौसेवकों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो वे आने वाले दिनों में और अधिक उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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