रीवा के बिछिया थाना क्षेत्र के ग्राम कोठी से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ पुश्तैनी जमीन के विवाद और लगातार मिल रही धमकियों से तंग आकर एक लाचार पिता सुखलाल साकेत ने सोमवार सुबह फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस आत्मघाती कदम के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
फर्जी दस्तावेज बनाकर हड़पी पुश्तैनी जमीन
मृतक के बेटे राकेश साकेत ने बताया कि गांव के ही मयंक तिवारी ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे उनके परिवार की पुश्तैनी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। इस धोखाधड़ी के खिलाफ पीड़ित परिवार ने कानूनी लड़ाई शुरू की और मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट में मामला होने के बावजूद आरोपी मयंक तिवारी लगातार साकेत परिवार पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा था और उन्हें प्रताड़ित कर रहा था।
बेटे को मिली थी जान से मारने की धमकी
परिजनों के अनुसार, आरोपी मयंक तिवारी ने सुखलाल साकेत के बेटे राकेश को जान से मारने की सीधी धमकी दी थी। बेटे की जान को खतरा देख पिता गहरे मानसिक तनाव और अवसाद में आ गए थे। आखिरकार, बेटे की सुरक्षा और उसे आरोपी के चंगुल से बचाने के लिए पिता ने खुद को कुर्बान करने का फैसला किया और सोमवार सुबह मौत को गले लगा लिया।
सुसाइड नोट में खुलासे के बाद भी पुलिस पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें सुखलाल साकेत ने मयंक तिवारी की प्रताड़ना और धमकियों का स्पष्ट रूप से जिक्र करते हुए उसे अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
इस दुखद घटना के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने आरोपी की धमकियों और जमीन हड़पने की शिकायत पहले रीवा एसपी (SP) से भी की थी, लेकिन समय रहते पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अगर पुलिस पहले ही सचेत हो जाती, तो आज एक बेकसूर की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक जांच शुरू कर दी है, वहीं ग्रामीण आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग पर अड़े हैं।

