Farmers troubled by shortage of urea fertilizer in Rewa: रीवा जिले के सिरमौर जनपद के उमरी खाद वितरण केंद्र पर यूरिया खाद की भारी कमी के कारण किसान गंभीर परेशानी झेल रहे हैं। बोने के महत्वपूर्ण समय में खाद नहीं मिलने से फसलें खतरे में पड़ रही हैं। किसान सुबह से लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं, लेकिन कई बार हफ्तों चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें केवल 2-3 बोरी ही मिल पाती है, जो उनकी जरूरत से बहुत कम है। किसानों ने खाद की कालाबाजारी और वितरण व्यवस्था में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
उमरी केंद्र पर सुबह से ही सैकड़ों किसान, महिलाएं और बुजुर्ग लाइन में नजर आते हैं। कई किसान रात भर खेतों में पशुओं की रखवाली करने के बाद यहां पहुंचते हैं। एक किसान ने बताया, “एक हफ्ते से खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन सिर्फ 3 बोरी मिली। क्या सरकार या कर्मचारी कोई खेल खेल रहे हैं? समय पर खाद नहीं मिली तो फसलें बर्बाद हो जाएंगी।”एक महिला किसान ने शिकायत की कि वे सुबह 5 बजे से लाइन में खड़ी हैं, लेकिन बार-बार जगह बदलवाई जा रही है। घर का काम-काज और बच्चों की देखभाल छोड़कर आई हैं, फिर भी खाद नहीं मिल रही। उन्होंने मांग की कि महिलाओं के लिए अलग से व्यवस्था होनी चाहिए।
एक बुजुर्ग किसान ने गुस्से में कहा, “हमें 20-25 बोरी की जरूरत है, लेकिन सिर्फ 2-3 बोरी मिल रही है। यह किसानों के साथ सरासर लूट है। सरकार की आंखें बंद हैं। ठंड में पशुओं की देखभाल करते हैं, यहां लाइन लगाते हैं, लेकिन कुछ नहीं मिलता।” उन्होंने केंद्र के कर्मचारियों और प्रदेश सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।किसानों का कहना है कि कर्मचारी और अधिकारी समय पर नहीं आते, जिससे अव्यवस्था बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी, “हमारी फसलें खत्म हुईं तो नुकसान पूरे देश का होगा।”यह समस्या रीवा जिले में नई नहीं है। हर मौसम में खाद की कमी से किसान परेशान होते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। किसानों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है और होम डिलीवरी जैसी व्यवस्था शुरू करने की अपील की है।
