Farmers block road in Rewa due to fertilizer crisis: रबी सीजन में गेहूं की बोनी के निर्णायक समय पर रीवा जिले में यूरिया और अन्य खाद की तीव्र कमी ने किसानों को हताश कर दिया है। बुधवार सुबह करहिया मंडी के सामने रीवा-सेमरिया मार्ग पर सैकड़ों आक्रोशित किसानों ने चक्का जाम कर दिया। किसान आरोप लगा रहे हैं कि गोदामों में खाद भरी पड़ी है, लेकिन अधिकारी टोकन जारी नहीं कर रहे, जिससे उन्हें सरकारी रेट पर खाद नहीं मिल पा रही। किसानों का गुस्सा चरम पर रहा, वे जोर-जोर से नारे लगा रहे थे, “गोदाम भरे हैं, माल है, लेकिन अधिकारी कहते हैं न टोकन मिलेगा, न खाद है!” कई किसान निराश होकर खाली हाथ लौट रहे हैं, जबकि फसल को समय पर खाद न मिलने से उपज घटने का खतरा मंडरा रहा है।
किसानों की प्रमुख शिकायतें
- कई दिनों से करहिया मंडी में खाद के लिए आ रहे हैं, लेकिन टोकन नहीं मिल रहा।
- पूरा दिन लाइन में लगे रहने के बाद शाम को अधिकारी कह देते हैं – “खाद नहीं है”।
- आसपास की 50 दुकानों में खाद 700 रुपये प्रति बोरी में मिल रही है, जबकि सरकारी रेट पर उपलब्ध नहीं – कालाबाजारी का गंभीर आरोप।
- अधिकारी आश्वासन भी नहीं दे रहे कि खाद कब आएगी या वितरण कब होगा।
- खेत सींचे पड़े हैं, फसल को पहला पानी देने का समय है, लेकिन यूरिया न मिलने से बोनी प्रभावित हो रही है।
यह संकट रीवा जिले में लगातार गहराता जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में भी करहिया मंडी में लंबी कतारें, मारामारी, पुलिस के साथ टकराव और लाठीचार्ज जैसी घटनाएं सामने आई हैं। किसान मिलीभगत और कालाबाजारी का आरोप लगा रहे हैं, जबकि प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। चक्का जाम से रीवा-सेमरिया मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप रहा। किसानों ने मौके पर अधिकारियों को बुलाकर तुरंत खाद वितरित करने और कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग करते रहे, एसडीएम ने मौके पर पहुँच कर किसानों को समझाइश देकर जाम खुलवाया।

