मध्य प्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी मेमोरियल (SGMH) अस्पताल में सतना निवासी अर्चना गुप्ता की इलाज के दौरान हुई संदिग्ध मौत का मामला अब गंभीर तूल पकड़ता जा रहा है। एक्सीडेंट के बाद सामान्य हालत में अस्पताल में भर्ती हुई अर्चना की अचानक तबीयत बिगड़ने और इलाज में गंभीर लापरवाही के आरोप लगने के बाद से परिजनों का गुस्सा लगातार फूट रहा है।
बिना अनुमति पोस्टमार्टम के बाद भड़के थे परिजन
सोमवार रात को परिजनों की बिना अनुमति के मृतका का पोस्टमार्टम किए जाने से नाराज परिजनों ने मर्चरी के सामने जमकर हंगामा और धरना दिया था। इस विरोध प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर ने मामले का संज्ञान लेते हुए वीडियोग्राफी के साथ दोबारा पोस्टमार्टम कराए जाने के निर्देश दिए थे।
मंगलवार दोपहर तक प्रक्रिया शुरू न होने पर फूटा गुस्सा
कलेक्टर के आदेश के बावजूद मंगलवार दोपहर तक दोबारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। प्रशासनिक और चिकित्सीय तंत्र की इस सुस्ती से नाराज परिजनों का सब्र टूट गया और उन्होंने आज सुबह संजय गांधी अस्पताल के मुख्य गेट के सामने फिर से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
धरना दे रहे परिजनों और उनके समर्थकों का आरोप है कि स्कूटी दुर्घटना के बाद सामान्य स्थिति में भर्ती हुई अर्चना की हालत डॉक्टरों और स्टाफ की घोर लापरवाही के कारण बिगड़ी, यहां तक कि शरीर में कीड़े पड़ने जैसी अमानवीय स्थिति सामने आई। परिजन अब पूरे मामले में दोषी चिकित्सकों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग पर अड़े हुए हैं। इस आंदोलन के चलते अस्पताल परिसर में भारी तनाव का माहौल बना हुआ है।

