रीवा: स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के तत्वावधान तथा मातृशक्ति मंच की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. ज्योति सिंह के संरक्षण में आज, 5 जुलाई 2026 को कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम, रीवा में भव्य ‘स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवार सम्मेलन’ ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चले इस गरिमापूर्ण और भावुक कर देने वाले कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन के माननीय उप-मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस समागम में प्रदेशभर से आए सैकड़ों बलिदानी परिवारों ने हिस्सा लिया, जहाँ देश की आजादी में अपना सब कुछ न्योछावर करने वाले वीर सपूतों के उत्तराधिकारियों को यथोचित सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान और उनके उत्तराधिकारियों के अस्तित्व व हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत राष्ट्रीय समिति के महासचिव श्री जितेन्द्र रघुवंशी एवं सहयोगी संगठन सचिव श्री कपूर सिंह दलाल भी विशेष रूप से शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने सेनानी परिवारों की एकजुटता पर बल देते हुए सरकार को उसके नैतिक दायित्वों का बोध कराया। वक्ताओं ने कहा कि देश को आजाद कराने वाले नायकों की नई पीढ़ी को उनके त्याग से रूबरू कराना महती आवश्यकता है, ताकि युवा पीढ़ी में राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव जाग्रत हो सके।
इस ऐतिहासिक अवसर पर उप-मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला को एक महत्वपूर्ण मांगपत्र सौंपा गया। इस ज्ञापन में मध्य प्रदेश सरकार से मांग की गई है कि प्रदेश में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व शहीदों के नाम पर मार्गों, स्कूलों और अस्पतालों का नामकरण किया जाए। इसके साथ ही असम, उत्तराखंड और पंजाब की तर्ज पर कलेक्टर्स द्वारा उत्तराधिकारियों को परिचय पत्र जारी किए जाएं और सेनानी परिवारों की तीसरी पीढ़ी को भी शिक्षा व मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग सहित अन्य शासकीय नौकरियों में आरक्षण व सुविधाएं दी जाएं।
ज्ञापन में कुछ अत्यंत दयनीय स्थिति में जीवन यापन कर रहे परिवारों की आर्थिक सहायता के लिए ‘स्वतंत्रता सेनानी कल्याण परिषद’ को पुनर्जीवित करने, उत्तराखंड की भांति सम्मान पेंशन व अतिथि गृहों में आवास की सुविधा देने, आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज और टोल टैक्स में छूट देने की भी पुरजोर वकालत की गई है। इसके अलावा, अकादमिक स्तर पर स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनियों को माध्यमिक और उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल करने तथा नगरीय निकायों व ग्राम पंचायतों में इनके प्रतिनिधियों को मनोनीत करने की मांग की गई। डिप्टी सीएम ने सभी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने और उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

