CM Sehat Yojna Panjab: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा धमाका किया है। आम आदमी को महंगे इलाज की चिंता से मुक्त करने के लिए सरकार ने CM Sehat Yojna Panjab का आगाज कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस और मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
केजरीवाल की दी हुई गारंटी हुई पूरी। CM Sehat Yojna Panjab
मोहाली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस योजना को राज्य की जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने भावुक होते हुए कहा, चुनाव के समय मैंने पंजाब की जनता को जो ‘केजरीवाल की गारंटी’ दी थी, आज वह पूरी हो गई है। पिछली सरकारों ने हमेशा खजाना खाली होने का रोना रोया, लेकिन हमने नीयत साफ रखी और आज पंजाब का हर नागरिक सम्मान के साथ बेहतर इलाज पा सकेगा।
क्या हैं CM Sehat Yojna की मुख्य विशेषताएं
इस नई स्वास्थ्य नीति को राज्य के चिकित्सा ढांचे में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। इसकी प्रमुख बातें निम्नलिखित हैं।
- यूनिवर्सल कवरेज: योजना का लाभ राज्य के लगभग हर परिवार को मिलेगा।
- कैशलेस इलाज: गंभीर बीमारियों के लिए अस्पतालों में कोई पैसा नहीं देना होगा।
- अस्पतालों का सुधार: सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भर्ती और आधुनिक मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
- प्राइवेट बनाम सरकारी: जरूरतमंद व्यक्ति सूचीबद्ध निजी और सरकारी दोनों अस्पतालों में इलाज करवा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने विदेश यात्रा से ज्यादा जनता को चुना | CM Sehat Yojna Panjab
संबोधन के दौरान अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की कार्यशैली की जमकर तारीफ की। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जब अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री विदेशी दौरों (जैसे स्विट्जरलैंड) की योजना बना रहे थे, तब भगवंत मान पंजाब के गांवों में जाकर लोगों के हेल्थ कार्ड बनवाने पर जोर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य के इतिहास में पिछले 4 साल विकास के ‘स्वर्ण अक्षर’ के रूप में दर्ज होंगे।
नशे और भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार| CM Sehat Yojna Panjab
स्वास्थ्य के साथ-साथ केजरीवाल ने सुरक्षा और नशे के मुद्दे पर भी सरकार की पीठ थपथपाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब में नशे के सौदागरों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने बड़े राजनीतिक रसूख वाले नेताओं को जेल भेजकर यह संदेश दे दिया है कि अब ‘मिलीभगत’ की राजनीति खत्म हो चुकी है। पंजाब सरकार का यह कदम न केवल गरीब वर्ग के लिए जीवनदान साबित होगा, बल्कि मध्यम वर्ग को भी भारी-भरकम मेडिकल बिलों के बोझ से बचाएगा। इस योजना के लागू होने से पंजाब अब देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा इतना व्यापक है।

