भारतीय फिल्म जगत में कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा अधिकारों को लेकर एक बड़ी कानूनी जंग छिड़ गई है। मशहूर प्रोडक्शन हाउस इरोस इंटरनेशनल और निर्देशक आनंद एल राय के बीच Eros vs Aanand L Rai का यह मामला अब बॉम्बे हाईकोर्ट पहुँच चुका है। इरोस ने राय पर अपनी नई फिल्म के प्रचार में ‘राँझणा’ की विरासत का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
विवाद की जड़: ‘राँझणा’ और ‘तेरे इश्क में’ का कनेक्शन
यह कानूनी विवाद तब शुरू हुआ जब इरोस इंटरनेशनल ने दावा किया कि उनकी सुपरहिट फिल्म ‘राँझणा’ के तमाम अधिकार उनके पास सुरक्षित हैं। इरोस का आरोप है कि आनंद एल राय और उनके प्रोडक्शन हाउस ‘कलर येलो मीडिया’ ने अपनी नई फिल्म ‘तेरे इश्क में’ को प्रमोट करने के लिए राँझणा के ट्रेडमार्क और किरदारों का सहारा लिया है।
विशेष रूप से, ‘तेरे इश्क में’ के टीजर में “राँझणा की दुनिया से” (From the world of Raanjhanaa) जैसे वाक्यों का उपयोग किया गया था। इरोस का तर्क है कि फिल्म के सीक्वल, रीमेक और संवादों पर उनका विशेष अधिकार है। ऐसे में बिना अनुमति के पुरानी फिल्म के संदर्भों का उपयोग करना कानूनी रूप से गलत है।
किरदारों के नाम और व्यवहार पर इरोस की आपत्ति
इरोस ने अपनी याचिका में किरदारों की समानता पर भी कड़ा विरोध जताया है। ‘राँझणा’ में अभिनेता धनुष के किरदार का नाम ‘कुंदन शंकर’ था, जबकि नई फिल्म ‘तेरे इश्क में’ उनके चरित्र का नाम ‘शंकर’ रखा गया है। इरोस के अनुसार, यह समानताएं महज इत्तेफाक नहीं हैं, बल्कि दर्शकों को भ्रमित करने की एक सोची-समझी कोशिश है।
इसके अलावा, मोहम्मद जीशान अय्यूब के किरदार को भी पुरानी फिल्म के ‘मुरारी’ जैसा ही दिखाया गया है। इरोस का कहना है कि उन्होंने जुलाई 2025 में ही नोटिस भेजकर आगाह किया था, लेकिन इसके बावजूद मेकर्स ने इसे ‘स्पिरिचुअल सीक्वल’ के तौर पर पेश करना जारी रखा। इसी वजह से कंपनी ने अब 84 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।
Eros vs Aanand L Rai: निर्देशक का बेबाक जवाब
इस गंभीर कानूनी आरोप पर निर्देशक आनंद एल राय ने अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। उन्होंने कहा कि फिल्म व्यवसाय में इस तरह की चीजें अक्सर होती रहती हैं और इसे बहुत ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। राय के मुताबिक, उन्हें यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह मामला अचानक कहाँ से आ गया, लेकिन उनके वकील इसका कानूनी जवाब देंगे।
उन्होंने एनडीटीवी के साथ बातचीत में स्पष्ट किया कि व्यापारिक दुनिया में मुकदमेबाजी जीवन का हिस्सा है। निर्देशक ने साफ तौर पर कहा कि वे इस पर ज्यादा बात नहीं करना चाहते क्योंकि मामला अदालत के अधीन है। हालांकि, उनका लहजा यह दर्शाता है कि वे इस मुकदमे को अपनी रचनात्मक स्वतंत्रता में एक बाधा के रूप में नहीं देख रहे हैं।
नेटफ्लिक्स और टी-सीरीज को भी बनाया गया पक्षकार
इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि इरोस ने केवल आनंद एल राय को ही नहीं, बल्कि इसमें नेटफ्लिक्स (Netflix) और टी-सीरीज (T-Series) को भी प्रतिवादी बनाया है। ‘तेरे इश्क में’ हाल ही में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है, जिसमें धनुष और कृति सेनन मुख्य भूमिकाओं में हैं।
कानूनी जानकारों का मानना है कि इस केस का परिणाम भविष्य में ‘स्पिरिचुअल सीक्वल’ के रूप में बनने वाली फिल्मों के लिए एक मिसाल बनेगा। अगर अदालत इरोस के पक्ष में फैसला सुनाती है, तो फिल्म निर्माताओं को किसी भी पुरानी फिल्म के संदर्भ या नाम इस्तेमाल करने से पहले अधिक सतर्क रहना होगा। फिलहाल, बॉम्बे हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई का इंतजार है।
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