Employee Health Insurance Scheme: राजस्थान और हरियाणा की तर्ज पर राज्य सरकार अपने 10 लाख से अधिक अधिकारियों, कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों के इलाज के लिए एक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने जा रही है। इसकी घोषणा आगामी राज्य बजट में की जा सकती है। यह योजना अंशदायी (कॉन्ट्रिब्यूटरी) होगी, जिसमें गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अधिकतम 35 लाख रुपये तक की कैशलेस सुविधा उपलब्ध होगी
Employee Health Insurance Scheme: मध्य प्रदेश सरकार राजस्थान और हरियाणा की तर्ज पर राज्य के 10 लाख से अधिक अधिकारियों, कर्मचारियों तथा पेंशनर्स के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने की तैयारी में है। यह योजना अंशदायी (कंट्रीब्यूटरी) और कैशलेस होगी, जिसमें गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए अधिकतम 35 लाख रुपये तक की कवरेज मिलेगी। योजना की घोषणा आगामी राज्य बजट में की जा सकती है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने योजना का खाका तैयार कर लिया है। कर्मचारी संगठनों से सुझाव भी लिए जा चुके हैं। अब इसे वित्त विभाग की मंजूरी के बाद कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
योजना का संचालन और संरचना
योजना का संचालन राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा किया जाएगा। एजेंसी में कानूनी, बीमा और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे। एक तकनीकी टीम क्लेम प्रोसेसिंग, हेल्थ पैकेज निर्धारण और अस्पतालों की संबद्धता (empanelment) का कार्य संभालेगी। इसके अलावा योजना की नियमित समीक्षा और नीतिगत निर्णयों के लिए एक टास्क फोर्स भी गठित की जाएगी।
पात्रता और परिवार के सदस्य
- कर्मचारी, उनके पति/पत्नी, आश्रित बच्चे (अधिकतम दो), दत्तक बच्चे, तलाकशुदा पुत्री (आश्रित होने पर)।
- पेंशनर्स, उनके पति/पत्नी।
प्रत्येक हितग्राही को फोटोयुक्त डिजिटल कार्ड जारी किया जाएगा, जिसमें यूनिक आईडी होगी। पंजीकरण एमपीएसईडीसी (MPSeDC) के माध्यम से होगा। आश्रितों की जानकारी का अनुमोदन कार्यालय प्रमुख द्वारा किया जाएगा। हर वर्ष आश्रितों की जानकारी का सत्यापन अनिवार्य रहेगा। पेंशनर्स का पंजीकरण उनके पेंशनर कोड के आधार पर होगा और कार्ड में पे बैंड तथा विभाग का विवरण भी अंकित रहेगा।
ओपीडी और दवा-उपकरण के लिए प्रावधान
बीमित कर्मचारी/पेंशनर को ओपीडी, दवाओं और उपकरणों के लिए प्रतिवर्ष 20 हजार रुपये तक की सुविधा मिलेगी। उपकरणों और इंप्लांट्स का व्यय सीजीएचएस (CGHS) पैकेज दरों के अनुसार होगा।
आपातकालीन उपचार और अस्पतालों का दायरा
आपात स्थिति में असंबद्ध अस्पतालों में भी उपचार कराया जा सकेगा, जिसकी राशि बाद में प्रतिपूर्ति की जाएगी। योजना में शामिल होंगे-
- राज्य के सभी आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पताल,
- भारत सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े अस्पताल,
- राज्य के बाहर के चिन्हित उच्च गुणवत्ता वाले अस्पताल।
कर्मचारियों और पेंशनर्स से अंशदान
योजना में कर्मचारियों का मासिक अंशदान वेतन बैंड के आधार पर होगा।
- वेतन बैंड 1 से 5: 250 रुपये
- वेतन बैंड 6: 450 रुपये
- वेतन बैंड 7 से 11: 650 रुपये
- वेतन बैंड 12 से 17: 1,000 रुपये
पेंशनर्स के लिए मासिक अंशदान 500 रुपये प्रस्तावित है। शेष प्रीमियम राशि राज्य सरकार वहन करेगी।

