नईदिल्ली। चुनाव आयोग ने उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण के फॉर्म-6 से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा हटाने का फैसला किया है, जहां एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब इन राज्यों में नए मतदाताओं को केवल निर्धारित वैधानिक फॉर्म-6 ही भरना होगा। यह बदलाव आयोग की हाल ही में हुई बैठक में लिया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया था कि फॉर्म-6 के साथ जुड़ी अतिरिक्त घोषणा केवल एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान ही लागू रहेगी।
इस तरह की मांगी जाती थी जानकारी
फॉर्म 6 के साथ हाल ही में जुड़ी अतिरिक्त घोषणा (डिक्लेरेशन) वह जानकारी थी जिसमें आवेदक से उसके परिवार, माता-पिता या दादा-दादी के पुराने चुनावी रिकॉर्ड और पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी मांगी जा रही थी। इसके अतिरिक्त घोषणा के जरिए यह पुष्टि करने की कोशिश की जा रही थी कि आवेदक या उसके परिवार का नाम पिछली मतदाता सूची में था या नहीं, ताकि भारतीय नागरिकता की पुष्टि हो सके।
2 चुनाव आयुक्तों ने जताई थी आपत्ति
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने फॉर्म 6 में एसआईआर से जुड़ी जानकारी जोड़ने पर आपत्ति जताई थी।
उनका कहना था कि नियमों में बदलाव किए बिना वैधानिक फॉर्म 6 में नया हिस्सा जोड़ दिया गया।
विवेक जोशी ने कहा कि फॉर्म 6 नियमों के तहत तय फॉर्म है, इसलिए इसमें बदलाव के लिए पहले नियमों में संशोधन जरूरी है।
सुखबीर सिंह संधू ने ऑनलाइन फॉर्म 6 में जोड़े गए हिस्से को “अनधिकृत और अवैध” बताते हुए उसे हटाने की बात कही थी।

