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Earth Day 2026-Rewa news : रीवा के नन्हें बच्चों ने अनोखे अंदाज में मनाया,अर्थ-डे

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Earth Day 2026-Rewa news-बच्चों ने लिया “धरती बचाओ” का संकल्प

Earth Day 2026-Rewa news : रीवा के नन्हें बच्चों ने अनोखे अंदाज में मनाया,अर्थ-डे-रीवा। जब पर्यावरण संरक्षण की बात आती है, तो उमंग और उत्साह के साथ सबसे आगे निकलते हैं बच्चे। विंध्य विहार कॉलोनी स्थित लिटिल बैम्बिनोज स्कूल, रीवा में ‘अर्थ डे’ (पृथ्वी दिवस) का आयोजन बच्चों की मासूमियत और रचनात्मकता का अद्भुत संगम बन गया। पूरा परिसर प्रकृति प्रेम, हरियाली और जागरूकता के गीतों से गूंज उठा। विद्यालय की निदेशक डॉ. गायत्री शुक्ल के मार्गदर्शन में इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि बचपन में दिए गए संस्कार ही एक स्वच्छ और हरित भविष्य की नींव रखते हैं। रीवा के लिटिल बैम्बिनोज स्कूल में अर्थ डे पर नन्हे बच्चों ने पौधारोपण, रैली और नाटकों के माध्यम से “धरती बचाओ” का संकल्प लिया। पढ़ें पूरी प्रेरणादायक कहानी।

“हरित दिवस”थीम पर पौधारोपण और संकल्प

“Green Day Theme”-Plantation & Pledge

कार्यक्रम की शुरुआत “हरित दिवस” थीम के तहत पौधारोपण से हुई। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपने हाथों से पौधे रोपे और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। उनका साफ-सुथरा संदेश था-“प्रकृति का संरक्षण ही जीवन का आधार है” साथ ही, पुनर्चक्रित वस्तुओं से तैयार सुंदर शिल्प कार्यों ने यह दिखाया कि अनुपयोगी चीजों को भी रचनात्मकता के जरिए उपयोगी बनाया जा सकता है।

बच्चों की “धरती बचाओ” रैली और नाट्य प्रस्तुतियां

Children’s “Save Earth” Rally & Theatrical Performances

बच्चों द्वारा निकाली गई “धरती बचाओ” रैली ने सबका ध्यान खींचा। उनकी मासूम आवाजों में पर्यावरण बचाने का संदेश गूंजता रहा। इसके बाद, गीतों और लघु नाटकों के माध्यम से बच्चों ने पृथ्वी की सुरक्षा, स्वच्छता और हरियाली के महत्व को बेहद प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। हर प्रस्तुति पर तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी।

Earth Day 2026-Rewa news-बच्चों ने लिया “धरती बचाओ” का संकल्प

प्रतिभागी छात्र-छात्राओं की सूची

List of Participating Students

विभिन्न कक्षाओं के होनहार बच्चों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया-

प्रेरणादायी उद्बोधन और डॉ. गायत्री शुक्ल के विचार

Inspirational Address-Dr. Gayatri Shukla’s Vision

अपने उद्बोधन में डॉ. गायत्री शुक्ल (निदेशक, लिटिल बैम्बिनोज स्कूल) ने कहा-बचपन में डाले गए संस्कार ही भविष्य की नींव होते हैं। यदि बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी विकसित की जाए, तो आने वाली पीढ़ी एक स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण का निर्माण कर सकती है।”उनके विचारों ने सभी शिक्षकों और अभिभावकों को गहराई से प्रभावित किया।

आयोजन में सहयोगी और संचालन

Team & Coordination

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रज्ञा श्रीवास्तव, सुधा सोनी, श्वेता मिश्रा, रूपमाला पांडे, श्रेया सोनी, स्वाति सोनी एवं विवेक चतुर्वेदी का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का सफल और प्रभावशाली संचालन श्रेया सोनी ने किया।

निष्कर्ष-Conclusion-समग्र रूप से यह आयोजन नन्हें बच्चों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त और प्रेरणादायी प्रयास सिद्ध हुआ। लिटिल बैम्बिनोज स्कूल, रीवा ने एक बार फिर साबित किया कि अगर सही दिशा और मार्गदर्शन मिले, तो बच्चे दुनिया को बदलने का जज़्बा रखते हैं। “धरती बचाओ” का यह संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बन गया है।यह जानकारी डॉ. गायत्री शुक्ल (निदेशक, लिटिल बैम्बिनोज स्कूल, रीवा) द्वारा प्रदान की गई।

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