प्रचंड में उड़ीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, रचा इतिहास

देश की राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने शुक्रवार को राजस्थान के Jaisalmer Air Force Station से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ (Light Combat Helicopter – LCH) में बतौर को-पायलट 25 मिनट की ऐतिहासिक उड़ान भरी। वे ‘प्रचंड’ में को-पायलट के रूप में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गई हैं।

राष्ट्रपति की यह उड़ान न केवल महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment in Defence) का प्रतीक है, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India Defence) और आत्मनिर्भर भारत (Aatmanirbhar Bharat in Defence Sector) की दिशा में मजबूत संकेत भी है।


  • सुबह 9:15 बजे राष्ट्रपति जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं।
  • वायुसेना अधिकारियों ने उन्हें हेलिकॉप्टर की क्षमताओं पर विस्तृत ब्रीफिंग दी।
  • करीब 10:15 बजे ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ उड़ान भरी।
  • 25 मिनट की उड़ान के दौरान सीमावर्ती इलाकों और Pokhran Field Firing Range का हवाई निरीक्षण किया।
  • सोनार किले (Jaisalmer Sonar Fort) के ऊपर से गुजरते हुए रेडियो के माध्यम से देश को संदेश भी दिया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कॉकपिट से सलामी दी, जो देश के लिए गौरव का क्षण रहा। इससे पहले वे Sukhoi Su-30MKI और Dassault Rafale में उड़ान भरने वाली भी पहली राष्ट्रपति रह चुकी हैं।

‘प्रचंड’ की ताकत (LCH Prachand Features)

  • रेंज: 550 किलोमीटर (Combat Range 550 km)
  • अधिकतम गति: 268 किमी/घंटा
  • खाली वजन: 2,250 किलोग्राम
  • अधिकतम वजन (हथियार सहित): 5,800 किलोग्राम
  • हथियार क्षमता: 1,750 किलोग्राम तक
  • इंजन पावर: 1430 हॉर्स पावर के दो इंजन
  • हाई एल्टीट्यूड वॉरफेयर (High Altitude Warfare) में सक्षम

यह हेलिकॉप्टर दुश्मन के रडार से बचते हुए सटीक हमला करने की क्षमता रखता है और रेगिस्तानी व पहाड़ी इलाकों में प्रभावी ऑपरेशन कर सकता है।

तीन साल पहले हुआ था बेड़े में शामिल

नवरात्रि के अवसर पर तीन साल पहले ‘प्रचंड’ को भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल किया गया था। उस समय रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने भी इसमें उड़ान भरी थी। उन्होंने इसे भारत का “विजय रथ” बताते हुए कहा था कि नाम भले ‘लाइट’ हो, लेकिन इसका प्रभाव बेहद भारी है।

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