Donald Trump Gold Visa Plan | सिर्फ इतने पैसों में मिल जाएगी अमेरिका की नागरिकता !

Donald Trump Gold Visa Plan

Donald Trump Gold Visa Plan In Hindi, America Gold Visa Rules In Hindi, USA New Visa Rules | दुनिया में ऐसे कई देश हैं जहां की स्थाई नागरिकता पाने के लिए आपको एक निश्चित कीमत तक निवेश करना पड़ता है। जैसे अगर आप, UAE का गोल्डन वीजा चाहते हैं तो आपको वहां किसी बिज़नेस में या रियल स्टेट में कम से कम साढ़े 11 करोड़ रुपए का इंवेस्टमेंट करना पड़ता है, इसी तरह तुर्की की नागरिता पाने के लिए किसी रियल स्टेट प्रोजेक्ट में कम से कम ढाई लाख डॉलर का निवेश करना पड़ता है.

दुनिया में ऐसे 30 देश हैं जो निवेश के बदले आपको नागरिता देते हैं मगर संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया का ऐसा पहला देश बनने जा रहा है जो सीधा पैसो के बदले अपनी नागरिता बेचने वाला है.

Donald Trump Gold Visa Plan

अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप ने दुनिया भर के ऐसे अमीरों के लिए के गोल्डन कार्ड नामक एक खास प्रोग्राम शुरू किया है जो यूएस में अपनी ज़िन्दगी गुजरने के इक्छुक हैं. कहने का मतलब साफ़ है कि अगर आप अमीर हैं तो आप अमेरिका की नागरिता खरीद सकते हैं , आपको पैसों के बदले एक स्पेशल वीजा मिल जाएगा जो आपको अमेरिका का एक स्थाई नागरिक बना देगा।

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वैसे ट्रंप के द्वारा शुरू किए गए गोल्डन कार्ड वीजा प्रोग्राम से पहले भी अमेरिका की नागरिता देने के लिए EB5 वीजा प्रोग्राम लागू था, जिसमे अमेरिका की नागरिकता हासिल करने के लिए किसी व्यक्ति को अमेरिकी व्यवसायों में कम से कम 1 मिलियन डॉलर का निवेश करना पड़ता था, इसके अलावा उस व्यक्ति को अमेरिका में ऐसा कारोबार करना पड़ता था ताकि कम से कम 10 लोगों को रोजगार मिले।

मगर ट्रंप अब EB5 वीजा प्रोग्राम को बंद कर, गोल्डन कार्ड वीजा जारी करने वाले हैं जिसमे आपको किसी व्यवसाय में ना तो निवेश करना है और ना ही रोजगार पैदा करना है.

आप बस वीजा की कीमत चुकाइये और टिकट कटाकर अमेरिका चले जाइये, बस इस वीजा को पाने के लिए आपको 5 मिलियन डॉलर यानी 43 करोड़ रुपए देने पड़ेंगे। ट्रंप ने अमेरिका की नागरिता हासिल करने के लिए यही कीमत लगाई है, और इस प्रोग्राम से बहुत सारा पैसा कमाने की उनकी योजना भी है.

गोल्डन कार्ड प्रोग्राम शुरू करने के पीछे ट्रंप का तर्क है कि इस प्रोग्राम से अमीर लोग अमेरिका आएँगे, यहां रहेंगे, खर्च करेंगे, टैक्स चुकाएंगे और यहां लोकल लोगों को रोजगार मिलेगा।

ट्रंप इस प्रोग्राम से काफी पैसा जुटाने के मूड में हैं वो 10 लाख गोल्डन कार्ड जारी करने की बात कह चुके हैं, यानी अगर 10 लाख लोग गोल्डन कार्ड खरीदते हैं तो अमेरिकी सरकार को 430 खरब रुपए की कमाई होगी यानी 5.18 ट्रिलियन डॉलर सिर्फ नागरिता बेचने पर मिलेंगे, ये एक बहुत बड़ा अमाउंट है, इतना बड़ा की मान लीजिये भारत की GDP से लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर ज्यादा।

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खैर इस गोल्डन कार्ड प्रोग्राम को अप्रैल से शुरू किया जा सकता है और इसके शुरू होते ही मिडल क्लास इंडियंस का अमेरिकन ड्रीम खत्म हो जाता है, क्योंकी सिर्फ नागरिता पाने के लिए 43 करोड़ रुपए सुपर रिच लोग ही दे सकते हैं, भारतीयों के लिए EB5 वीजा प्रोग्राम ही ठीक था क्योंकी वो 10 लाख डॉलर का इन्वेस्टमेंट करने के लिए लोन ले सकते थे, अपनी सेविंग्स दे सकते थे मगर अब गोल्डन कार्ड वीजा खरीदने के लिए सीधा वन टाइम पेमेंट करना पड़ेगा जो करोड़ों भारतीयों की पहुंच से बाहर है.

वैसे पैसों के बदले नागरिता बेचना ट्रंप और अमेरिका के लिए नई मुसीबतों को भी जन्म देगा, फिर तो ऐसा कोई भी व्यक्ति अमेरिकी नागरिक बन जाएगा जो अपने काले धन को ठिकाने लगाना चाहता हो या अपने देश से फरार होना चाहता हो, इसके अलावा अमेरिका में इन्वेस्टमेंट कम होने लगेगा क्योंकी लोगों को तब कारोबार शुरू करने के बदले नहीं सिर्फ पैसों के बदले नागरिता मिलने लगेगी।

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