सतना/पन्ना। चिकित्सा जगत को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सतना के मुख्तियारगंज स्थित एक निजी अस्पताल से सामने आया है, जहाँ इलाज में बरती गई कथित लापरवाही ने एक हंसते-खेलते युवक की जान ले ली। पन्ना निवासी रवि रजक की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर रूह कंपा देने वाले आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि 4 अप्रैल को पथरी और किडनी इंफेक्शन के ऑपरेशन के दौरान डॉ. पुष्पेंद्र सिंह और उनकी टीम ने न केवल एक किडनी निकाली, बल्कि घोर लापरवाही बरतते हुए दूसरी स्वस्थ किडनी की नस भी काट दी। इतना ही नहीं, खून रोकने के फेर में डॉक्टरों ने कटी हुई नस पर धागा बांध दिया, जिससे मरीज की इकलौती स्वस्थ किडनी पूरी तरह सूख गई और उसने काम करना बंद कर दिया।
मरीज की हालत बिगड़ती देख जब उसे आनन-फानन में रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर किया गया, तब वहां के विशेषज्ञों ने जांच के बाद इस जानलेवा लापरवाही का पर्दाफाश किया। रीवा के डॉक्टरों को मरीज की जान बचाने के लिए इमरजेंसी ऑपरेशन कर वह दूसरी किडनी भी शरीर से बाहर निकालनी पड़ी, जो सतना के डॉक्टरों की गलती के कारण सड़ चुकी थी। तमाम प्रयासों के बावजूद रवि को बचाया नहीं जा सका। इस खौफनाक घटना से आक्रोशित परिजनों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार ने दोषी डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई और इस तरह की ‘मेडिकल गुंडागर्दी’ का शिकार न बने।

