त्योहार आते ही लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं भेजने लगते हैं. अब यह शुभकामनाएं केवल पास के लोगों तक सीमित नहीं रहीं. दूर रहने वाले संबंधी, मित्र और परिचित भी दूरभाष के संदेशों से बधाई भेजते हैं.
लेकिन इसी उत्सव के समय ठग भी सक्रिय हो जाते हैं. जैसे खरीदारी के नाम पर ठगी होती है, वैसे ही अब शुभकामना संदेश के नाम पर भी लोगों को ठगा जा रहा है. इसलिए इस त्योहारी समय में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है.
शुभकामना के बहाने बिछाया जाता है जाल
दिल्ली पुलिस ने सामाजिक माध्यम पर लोगों को सचेत किया है. पुलिस के अनुसार ठग त्योहार की बधाई के नाम पर संदेश भेजते हैं. इन संदेशों में कोई कड़ी, चित्र, ध्वनि संदेश या चलचित्र जुड़ा होता है.
जैसे ही व्यक्ति उस पर क्लिक करता है, उसके दूरभाष में हानिकारक फाइल उतर जाती है. इससे ठगों को दूरभाष का पूरा नियंत्रण मिल जाता है. उसके बाद खाते से धन निकाल लिया जाता है, गुप्त जानकारी चुरा ली जाती है और व्यक्ति को भारी हानि उठानी पड़ती है.
ठगी से बचने के लिए क्या करें
- किसी भी अनजान व्यक्ति के भेजे हुए संदेश की कड़ी पर क्लिक न करें.
- भारी छूट, बड़ा उपहार या अधिक लाभ के लालच में आकर किसी भी जालस्थल पर न जाएं.
- दूरभाष में स्वचालित डाउनलोड बंद करके रखें.
- संदिग्ध फाइल को न उतारें और न ही खोलें.
- किसी भी व्यक्ति को अपना गुप्त अंक, गुप्त शब्द या बैंक संबंधी जानकारी न बताएं.
- अनजान नंबर से आए शुभकामना वाले ध्वनि या चलचित्र संदेश को भी उतारने से बचें.
ठगी हो जाए तो शिकायत कहां करें
यदि पूरी सावधानी के बाद भी ठगी हो जाए तो घबराएं नहीं, तुरंत शिकायत करें.
- संचार साथी पोर्टल
sancharsaathi.gov.inपर संदिग्ध संदेश या नंबर की जानकारी दें. - 1930 पर फोन करके भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.
- साइबर अपराध विभाग की आधिकारिक जालस्थल
cybercrime.gov.inपर भी रिपोर्ट की जा सकती है.
त्योहारों पर केवल खरीदारी और शुभकामनाओं का उत्साह ही नहीं बढ़ता, ठगों की सक्रियता भी बढ़ जाती है. इसलिए जागरूक रहें, सतर्क रहें और अपने साथ-साथ अपने परिवार को भी इस जाल से बचाएं.

