रीवा। प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन स्थितियों में जन-धन की रक्षा के लिए रीवा संभाग अब और भी मुस्तैद होने जा रहा है। मुख्यालय के निर्देशानुसार, रीवा के करहिया स्थित बीहर नदी में आज से ‘संभाग स्तरीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण शिविर’ का आगाज किया गया। इस विशेष शिविर में रीवा संभाग के चारों जिलों से चयनित 40 जांबाज जवानों को आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू ऑपरेशन का कड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल और प्रभावी सहायता पहुंचाई जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए प्लाटून कमांडर विकास पांडे ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जवानों को आधुनिक तकनीकों और उपकरणों से लैस करना है। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को आपदा राहत उपकरणों की बेसिक जानकारी देने के साथ-साथ तैराकी की विभिन्न विधाओं और रेस्क्यू के उन्नत तरीकों का अभ्यास कराया जा रहा है। विशेष रूप से ‘डीप डाइविंग’ (गहरे पानी में गोताखोरी) पर जोर दिया जा रहा है, जो जल भराव या डूबने जैसी घटनाओं के दौरान बेहद कारगर साबित होती है। बीहर नदी के पानी में जवान घंटों पसीना बहाकर बचाव कार्यों की बारीकियां सीख रहे हैं।
यह पूरा प्रशिक्षण अभियान कुशल नेतृत्व के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है। सीधी के प्लाटून कमांडर मयंक तिवारी सहित रीवा के विकास पांडे और पुष्पेंद्र चंदेल के निर्देशन में जवानों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये जवान अपने-अपने जिलों में किसी भी प्रकार की आपदा, जैसे बाढ़, दुर्घटना या अन्य आपात स्थितियों में प्रथम उत्तरदाता (First Responders) के रूप में कार्य करेंगे, जिससे राहत कार्यों में तेजी आएगी।
प्रशिक्षण के साथ-साथ अधिकारियों ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि यदि कहीं भी आपदा या आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होती है, तो नागरिक घबराएं नहीं। मदद के लिए प्रशासन द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर 1079 या प्रदेश के यूनिवर्सल इमरजेंसी नंबर 112 पर तत्काल सूचना दी जा सकती है। इन नंबरों पर सूचना मिलते ही प्रशिक्षित जवानों की टीम रेस्क्यू के लिए मौके पर रवाना हो जाएगी।

