Digital Fraud RBI Compensation: RBI ने डिजिटल ट्रांजैक्शन में होने वाले फ्रॉड (Digital Transaction Fraud) से ग्राहकों को बचाने के लिए नया ड्राफ्ट फ्रेमवर्क ‘कस्टमर लायबिलिटी इन डिजिटल ट्रांजैक्शंस’ (Customer Liability in Digital Transactions) जारी किया है। इसके तहत अगर किसी ग्राहक के साथ डिजिटल धोखाधड़ी होती है और वह इसकी तुरंत रिपोर्ट करता है, तो उसे 25,000 रुपए तक का मुआवजा मिल सकता है।
नए नियमों का उद्देश्य बैंक कम्प्लेंट्स के निपटारे में लगने वाले समय को कम करना और कम मूल्य के फ्रॉड के लिए एक कम्पनसेशन मैकेनिज्म तैयार करना है। RBI ने इस ड्राफ्ट पर जनता और स्टेकहोल्डर्स से 6 अप्रैल, 2026 तक सुझाव मांगे हैं। इसके बाद सरकार इसे लागू करेगी।
रकम का 85% तक वापस मिल सकेगा
यदि किसी के साथ 50,000 रुपए तक का डिजिटल फ्रॉड होता है और ग्राहक समय पर इसकी सूचना देता है, तो उसे नुकसान का 85% या ₹25,000 (जो भी कम हो) वापस मिल सकता है।
RBI का कहना है कि इससे न केवल ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि Digital Payment Ecosystem और भी सुरक्षित होगा। यह मुआवजा मैकेनिज्म लागू होने की तारीख से एक साल तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद इसके अनुभवों के आधार पर इसकी समीक्षा की जाएगी।
उदाहरण से समझें फ्रॉड होने पर कितना पैसा वापस मिलेगा
अगर ₹10,000 का फ्रॉड हुआ, तो 85% के हिसाब से ₹8,500 वापस मिलेंगे।
अगर ₹40,000 का फ्रॉड हुआ, तो 85% के हिसाब से ₹34,000 बनते हैं, लेकिन लिमिट ₹25,000 है, इसलिए ₹25,000 ही मिलेंगे।
हालांकि ये ऑनलाइन फ्रॉड की समस्या का समाधान नहीं है, UPI से ऑनलाइन फ्रॉड बढे हैं और फ़िलहाल RBI इन्हे होने से रोक नहीं पा रहा है और न ही पीड़ितों को राहत दे पा रहा है.
