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धर्मेंद्र की आखिरी कविता: ‘Ikkis’ फिल्म में गूंजेगी गांव की यादें, Maddock Films ने किया ‘ही-मैन’ ट्रिब्यूट

Dharmendra’s last poem featured in film Ikkis with Maddock Films tributeDharmendra’s last poem featured in film Ikkis with Maddock Films tribute

Dharmendra Last Poem in ‘Ikkis’ | Maddock Films का विशेष ट्रिब्यूट

Maddock Films Pays Tribute To He-Man: बॉलीवुड के धुरंधर हीरो धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं हैं। 24 नवंबर 2025 को दुनिया को अलविदा कहने वाले इस दिग्गज अभिनेता की यादें आज भी ताजा हैं। लेकिन उनकी आखिरी फिल्म इक्कीस (Ikkis) के जरिए फैंस को एक अनमोल तोहफा मिला है – खुद धर्मेंद्र द्वारा लिखी गई एक भावुक कविता। यह कविता न सिर्फ उनकी जिंदादिली को दर्शाती है, बल्कि गांव की मिट्टी, मां की गोद और पंजाब की नदियों की यादों को जीवंत कर देती है। इक्कीस (Ikkis) फिल्म के मेकर्स ने इस कविता को धर्मेंद्र की आवाज में रिकॉर्ड कर ट्रिब्यूट के रूप में शेयर किया है, जो देखते ही दिल तोड़ देता है।

इक्कीस (Ikkis): वीर सैनिक की कहानी पर बनी धुरंधर फिल्म

इक्कीस (Ikkis) एक बायोपिक ड्रामा है, जो दूसरे लेफ्टिनेंट अरुण खेतपाल की सच्ची कहानी पर आधारित है। अरुण खेतपाल भारत के सबसे युवा परम वीर चक्र विजेता थे। फिल्म में धर्मेंद्र एक आर्मी ऑफिसर के पिता का किरदार निभाते हैं, जो उनकी आखिरी परफॉर्मेंस साबित हुई। डायरेक्टर श्रीराम राघवन की इस फिल्म में धर्मेंद्र के अलावा असरोतरी भी नजर आएंगे, जो हाल ही में 20 अक्टूबर 2025 को दुनिया से चले गए। दोनों दिग्गजों ने पहले शोले जैसी आइकॉनिक फिल्म में साथ काम किया था। फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, और यह इक्कीस (Ikkis) धर्मेंद्र को सलाम करने का एक बेहतरीन माध्यम बनेगी।

धर्मेंद्र की कविता जो दिल को छू लेगी

धर्मेंद्र सिर्फ एक्टर ही नहीं, बल्कि एक शानदार कवि भी थे। वे अपने फार्महाउस में कविताएं लिखते और रिकॉर्ड करते थे, जो सोशल मीडिया पर शेयर करते रहते। इक्कीस (Ikkis) में उनकी यह पंजाबी कविता फिट बैठी है, क्योंकि यह जमीनी सच्चाई और भावनाओं से भरी है। कविता में वे गांव लौटने की चाहत बयान करते हैं तालाब में भैंसों को नहलाने से लेकर मां की गोद को न भूलने तक।

मैडॉक फिल्म्स ने एक्स पर यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा,

“धरम जी मिट्टी के सच्चे बेटे थे, और उनके शब्दों में उस मिट्टी की खुशबू है। उनकी यह कविता एक तड़प है, एक लेजेंड से दूसरे लेजेंड को एक ट्रिब्यूट। हमें यह टाइमलेस वर्स गिफ्ट करने के लिए धन्यवाद।” (सबटाइटल: यह पोस्ट हजारों व्यूज बटोर चुकी है, जहां फैंस धर्मेंद्र की याद में भावुक हो रहे हैं।)

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