धारकुंडी वाले महाराज का निधन! मुंबई के बदलापुर आश्रम में ली अंतिम साँसे

Dharkundi Maharaj Death News/धारकुंडी महाराज का निधन Dharkundi Maharaj Ka Nidhan: सतना जिले और उत्तर प्रदेश की सीमा में लगे धारकुंडी आश्रम के महाराज श्री स्वामी सच्चिदानंद जी (Dharkundi Ashram, Shri Swami Sachchidananda passed away) का शनिवार, 7 फरवरी को मुंबई स्थित बदलापुर में मौजूद आश्रम में निधन हो गया। धारकुंडी आश्रम के संस्थापक स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज 102 वर्ष की आयु में मुंबई में हुए ब्रह्मलीन हुए हैं.

उनका 101वाँ जन्मोत्सव 1 जनवरी 2025 को धारकुंडी आश्रम में धूमधाम से मनाया गया था, जिसमें उन्होंने बदलापुर से वर्चुअल दर्शन दिए थे। उन्होंने 22 नवंबर 1956 को अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद जी के आशीर्वाद से इस घने जंगल वाले स्थान पर साधना और आश्रम की स्थापना की थी।

उनके निधन से आध्यात्मिक जगत और लाखों भक्तों-शिष्यों में गहरा शोक व्याप्त है। स्वामी जी का पार्थिव शरीर बदलापुर से धारकुंडी आश्रम लाया जाएगा, जहां रविवार को समाधि दी जाएगी। बतादें कि उनका 101वां जन्मोत्सव 1 जनवरी 2025 को धारकुंडी आश्रम में भारी उत्साह और हजारों भक्तों की उपस्थिति में धूमधाम से मनाया गया था। स्वास्थ्य कारणों से वे मुंबई के बदलापुर से वर्चुअल माध्यम से भक्तों को दर्शन और आशीर्वाद प्रदान कर सके थे। स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी ने 22 नवंबर 1956 को अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद जी के आशीर्वाद से घने जंगल से घिरे इस प्राचीन तीर्थ स्थल धारकुंडी में साधना आरंभ की और आश्रम की नींव रखी। उस समय यहां केवल एक गुफा थी, जिसमें खूंखार शेर निवास करता था। उनकी गहन तपस्या, साधना और समर्पण ने इस स्थान को एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र में परिवर्तित कर दिया। आज धारकुंडी आश्रम प्रकृति और अध्यात्म का अनुपम संगम है।

योगीराज स्वामी परमानंद जी परमहंस जी के सानिध्य में स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज ने चित्रकूट के अनसूया आश्रम में करीब 11 वर्ष साधना की. इसके बाद सच्चिदानंद जी महाराज 1956 में यहां आए और अपनी आध्यात्मिक शक्ति से यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को आश्रम के माध्यम से एक सार्थक रूप दिया.

धारकुंडी में बनेगा समाधी स्थल

बताया गया है कि धारकुंडी महाराज का पार्थिव शरीर फ़िलहाल भक्तों के अंतिम दर्शन के लिए बदलापुर आश्रम में रखा गया है. संभवतः 8 फरवरी को उनका शव धारकुंडी आश्रम में लाया जाएगा जहां वे समाधी ग्रहण करेंगे। पता चला है कि आश्रम में समाधी का निर्माण कार्य शुरू हो गया है.

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