Dhanteras 2025 : भगवान धन्वंतरि जन्म की जुड़ी मान्यता -पूजन विधि,महत्व-धनतेरस दीपावली की शुभ शुरुआत का प्रतीक है। यह दिन स्वास्थ्य, समृद्धि और आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि को समर्पित होता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण यह दिन स्वास्थ्य, धन और सौभाग्य की कामना के साथ मनाया जाता है।
धनतेरस क्यों मनाई जाती है
भगवान धन्वंतरि का जन्म दिवस – इस दिन भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य हुआ था, जिन्होंने अमृत और आयुर्वेद का ज्ञान संसार को दिया। इसलिए यह दिन आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक – भगवान धन्वंतरि को चिकित्सा विज्ञान का अधिष्ठाता माना गया है। अतः धनतेरस पर उनकी पूजा करके लोग स्वास्थ्य, दीर्घायु और समृद्धि की कामना करते हैं।
दीपावली का आरंभ – धनतेरस से ही पांच दिनों तक चलने वाले दीपोत्सव की शुरुआत होती है , इसके बाद आती है नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज।
धनतेरस से जुड़ी प्रमुख कथाएं और परंपराएं
यमराज की कथा – एक प्राचीन कथा के अनुसार, राजा हिम के पुत्र को सर्पदंश से मृत्यु का श्राप था। उसकी पत्नी ने यमराज को रोकने के लिए दरवाजे पर सोने-चांदी के दीप और आभूषण सजाए। दीपों की तेज रोशनी से यमराज की आँखें चौंधिया गईं और वे राजकुमार को नहीं ले जा सके। तभी से यमराज के सम्मान में दीप जलाने की परंपरा चली आ रही है।

शुभ खरीदारी की परंपरा – धनतेरस के दिन सोना, चांदी, बर्तन और नए सामान खरीदना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे धन में वृद्धि और लक्ष्मी का आगमन होता है।
पूजा और सजावट – इस दिन लोग अपने घर की सफाई कर उसे दीपक, रंगोली और फूलों से सजाते हैं। शाम को भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है।
धनतेरस का महत्व
समृद्धि का प्रतीक – इस दिन की गई खरीदारी और पूजा से घर में धन, ऐश्वर्य और सौभाग्य का वास होता है।
दीर्घायु और स्वास्थ्य – भगवान धन्वंतरि की आराधना से अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की प्राप्ति होती है।
नया वित्तीय वर्ष – व्यापारी समुदाय के लिए यह दिन नए लेखा वर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक है।
निष्कर्ष – (Conclusion) – धनतेरस केवल खरीदारी या त्योहार की शुरुआत भर नहीं, बल्कि यह स्वास्थ्य, धन और संतुलित जीवन का संदेश देने वाला पवित्र अवसर है। भगवान धन्वंतरि की पूजा के साथ जब दीप जलते हैं, तो घर-परिवार में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता का प्रकाश फैलता है।
