Site icon SHABD SANCHI

DGCA ने पायलट रूल्स में U-टर्न: वीकली रेस्ट 48 से घटाकर 36 घंटे किया

DGCA Pilot Rest Rule Change 36 Hours Flight Crew Rest India

DGCA ने पायलटों के नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के दूसरे चरण से वीकली रेस्ट प्रावधान को वापस ले लिया है। (DGCA FDTL Rules Update) अब क्रू को हफ्ते में 48 घंटे (दो दिन) की बजाय 36 घंटे ही रेस्ट मिलेगा, छुट्टी को रेस्ट गिनने पर रोक हट गई, और लगातार नाइट शिफ्ट्स पर पाबंदी भी ढीली। इंडिगो जैसी एयरलाइंस को इससे बड़ी राहत मिलेगी, जहां पिछले चार दिनों से सैकड़ों फ्लाइट्स कैंसल हो रही थीं। लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं – थकान बढ़ने से सेफ्टी रिस्क हो सकता है। DGCA का कहना है कि बिना रुकावट उड़ानें चलाने के लिए ये जरूरी था।

DGCA ने 1 जुलाई को FDTL के पहले चरण और 1 नवंबर से दूसरे चरण के नियम लागू किए थे, जो पायलटों की थकान कम करने के लिए थे। लेकिन नए नियमों से एयरलाइंस के क्रू शेड्यूल मैनेजमेंट में दिक्कत हुई, खासकर इंडिगो में जहां 60% से ज्यादा घरेलू उड़ानें हैं। नवंबर में कुल 1,232 फ्लाइट्स कैंसल हुईं, मंगलवार को 1,400 देरी से चलीं, और बुधवार को 200 से ज्यादा प्रभावित। इंडिगो के पास 434 विमान, 5,456 पायलट, 10,212 केबिन क्रू और 41,000+ स्थायी कर्मचारी हैं, लेकिन 2,300+ दैनिक उड़ानों को चलाने में 10-20% डिसरप्शन हो रहा था।

DGCA के नए पायलट रूल्स अपडेट: क्या बदला, क्यों? (FDTL Changes Explained)DGCA ने दूसरे चरण के विवादास्पद प्रावधानों को रिवाइज किया। यहां स्टेप बाय स्टेप जानें मुख्य बदलाव:

  1. वीकली रेस्ट: पहले 48 घंटे (दो दिन) अनिवार्य, अब 36 घंटे। छुट्टी को रेस्ट में गिनने की मनाही हटाई गई। (Weekly Rest Revision)
  2. नाइट शिफ्ट्स: लगातार नाइट ड्यूटी पर सख्त पाबंदी हटाई – अब फ्लेक्सिबल शेड्यूलिंग पॉसिबल।
  3. दैनिक लिमिट्स: दैनिक उड़ान समय 8 घंटे, नाइट लैंडिंग्स 6 से घटाकर 2, क्रू को 24 घंटे में 10 घंटे रेस्ट – ये बरकरार।
  4. उद्देश्य: DGCA का स्टेटमेंट – “क्रू शेड्यूल मैनेज करना मुश्किल हो रहा था। बिना रुकावट फ्लाइट ऑपरेशन के लिए राहत जरूरी।

फ्लाइट डिसरप्शन्स का असर: कहां-कहां मचा बवाल? (Flight Disruptions Impact)नए नियमों से इंडिगो की 2,300+ दैनिक उड़ानें (एयर इंडिया की दोगुनी) प्रभावित हुईं। यहां मुख्य हिट्स:

सेफ्टी चिंता vs ऑपरेशनल रिलीफ:

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? (Safety Concerns)राहत तो मिली, लेकिन पायलट यूनियंस भड़क गईं – “थकान बढ़ेगी, सेफ्टी रिस्क!” DGCA ने कहा कि बाकी प्रावधान सख्त रहेंगे, लेकिन विपक्ष ने संसद में सवाल उठाए – “पैसेंजर्स की जान से खिलवाड़?” फ्यूचर प्लान: DGCA क्रू रिक्रूटमेंट और ट्रेनिंग पर फोकस, हर 15 दिन रिपोर्ट मांगेगी। इंडिगो का दावा – “जल्द नॉर्मल, रिफंड-रिबुकिंग तेज।”

अधिक जानने के लिए आज ही शब्द साँची के सोशल मीडिया पेज को फॉलो करें और अपडेटेड रहे।

Exit mobile version