रीवा। संजय गांधी चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं और लापरवाही का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को गांधी मेमोरियल अस्पताल में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को लेकर आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के बाद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल अचानक संजय गांधी अस्पताल की बर्न यूनिट का औचक निरीक्षण करने पहुँच गए। वहां का नजारा देखकर डिप्टी सीएम का पारा चढ़ गया; बर्न यूनिट के सभी एसी बंद पड़े थे और आग से जले हुए मरीज इस 45 डिग्री की झुलसाने वाली भयंकर गर्मी में तड़पने को मजबूर थे। इस घोर लापरवाही को देखकर उपमुख्यमंत्री बेहद नाराज हुए और उन्होंने मौके पर ही मौजूद मेडिकल कॉलेज के डीन को जमकर फटकार लगाई।
झुलसे मरीजों को और झुलसा रही थी 45 डिग्री की गर्मी
बर्न यूनिट अस्पताल का वह अति-संवेदनशील हिस्सा होता है जहाँ भर्ती मरीजों के घावों को इन्फेक्शन और गर्मी से बचाने के लिए चौबीसों घंटे कूलिंग की सख्त जरूरत होती है। लेकिन यहाँ का आलम यह था कि पहले से ही आग में जल चुके मरीज इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और उमस में केवल साधारण पंखों के सहारे दिन काट रहे थे। अस्पताल के अन्य सामान्य वार्डों की स्थिति भी इतनी बदहाल है कि मरीज और उनके परिजन खुद घर से कूलर लेकर आने को मजबूर हैं।
भुगतान न होने से कंपनी ने बंद कर दिया था मेंटेनेंस
इस पूरे संकट के पीछे अस्पताल प्रबंधन की एक और बड़ी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, बर्न यूनिट के सेंट्रलाइज्ड एसी के रखरखाव (मेंटेनेंस) का ठेका इंदौर की एक निजी कंपनी के पास है। लेकिन मेडिकल कॉलेज के डीन द्वारा पिछले काफी समय से कंपनी का बकाया भुगतान नहीं किया गया था। बिलों का भुगतान न होने से नाराज कंपनी ने एसी का मेंटेनेंस काम पूरी तरह ठप कर दिया, जिसका खामियाजा यहाँ जिंदगी और मौत से जूझ रहे बेकसूर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
डिप्टी सीएम के सख्त निर्देश: तत्काल सुधारी जाए व्यवस्था
औचक निरीक्षण के दौरान वार्ड की बदहाली और मरीजों का दर्द देखकर डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने डीन को सख्त लहजे में हिदायत दी कि प्रशासनिक स्तर के इस गतिरोध को तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि बजट और भुगतान के बहानों के चलते मरीजों की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डिप्टी सीएम ने अस्पताल प्रबंधन को तत्काल बर्न यूनिट के एसी चालू करवाने और मरीजों को राहत देने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

