रीवा। विंध्य के विकास को नई गति देने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को जमीन पर परखने के लिए मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल आज सुबह अचानक एक्शन मोड में नजर आए। डिप्टी सीएम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में चल रहे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक अमले और ठेकेदारों में हड़कंप मचा दिया।
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री सबसे पहले निर्माणाधीन शासकीय प्रवीण कुमारी “संदीपनी” विद्यालय पहुँचे, जहाँ उन्होंने भवन की संरचना और निर्माण सामग्री की बारीकी से जांच की। इसके पश्चात उन्होंने सिविल लाइंस क्षेत्र में चल रहे अन्य शासकीय विकास कार्यों का भी सघन जायजा लिया। मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य कार्यपालन निकायों के अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में उच्च स्तरीय गुणवत्ता, पूर्ण पारदर्शिता और समयसीमा का पालन अनिवार्य है।
राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा, “जनता के पैसे से हो रहे विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने निर्देश दिए कि जो भी कार्य शेष हैं, उन्हें युद्ध स्तर पर गति देकर निर्धारित समय के भीतर पूर्ण किया जाए ताकि जल्द से जल्द इन्हें आम जनता को समर्पित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इंजीनियरिंग की बारीकियों को खुद समझा और वर्तमान प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य के कार्यों के लिए आवश्यक ब्लूप्रिंट भी साझा किया। उपमुख्यमंत्री के इस औचक दौरे ने स्पष्ट संदेश दिया है कि रीवा के विकास कार्यों में सुस्ती दिखाने वाले अधिकारियों पर अब गाज गिरना तय है।

