Deputy CM Ajit Pawar Death : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अचानक मौत से हर कोई सदमे में है। बुधवार सुबह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री को ले जा रहा विमान बारामती में क्रैश हो गया। इस हादसे में अजीत पवार समेत विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। प्रधानमंत्री मोदी और देश भर के कई अन्य नेताओं और हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। हालांकि, अजीत पवार की मौत को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अजीत पवार की मौत में साजिश की आशंका जताई है और जांच की मांग की है। इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस दुखद घटना का राजनीतिकरण करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
सीएम ममता के बयान से राजनीति शुरू। Deputy CM Ajit Pawar Death
अजीत पवार की मौत पर हर तरफ दुख है, लेकिन इस समय भी कुछ नेताओं ने उनकी मौत को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की है। ममता बनर्जी को अजीत पवार के विमान हादसे में साजिश दिखी। ममता ने कहा कि अजीत पवार शरद पवार के पास लौटने वाले थे और बीजेपी छोड़ने वाले थे। ऐसे में उनका विमान हादसा किसी साजिश का नतीजा हो सकता है। ममता ने कहा कि इस हादसे की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए, क्योंकि उन्हें जांच एजेंसियों पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सीएम ममता बनर्जी की मांग का समर्थन किया। अखिलेश ने कहा कि इतने बड़े नेता की इस तरह मौत पर सवाल उठते हैं, और निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी।
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताई।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने अजीत पवार की मौत पर हो रही राजनीति पर नाराजगी जताई और सीएम ममता बनर्जी को जवाब दिया। देवेंद्र फडणवीस ने ममता बनर्जी को आईना दिखाया। फडणवीस ने कहा, “किसी की मौत पर राजनीति करना सही नहीं है। ऐसे आरोप लगाने से पहले ममता दीदी को कम से कम शरद पवार की बात सुन लेनी चाहिए थी।” गौरतलब है कि बुधवार शाम को शरद पवार ने सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा था कि यह एक हादसा था और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
क्या बोले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे? Deputy CM Ajit Pawar Death
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अजीत पवार की मौत पर दिए बयान पर जवाब देते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, “जब ऐसी घटनाएं होती हैं, तो ऐसी स्थिति में राजनीति करना सही नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले का राजनीतिकरण करना और यह सुझाव देना कि इसमें कोई साज़िश थी, बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। शरद पवार ने खुद साफ किया है कि यह सिर्फ एक हादसा था और इसमें कोई साज़िश नहीं थी। महाराष्ट्र पूरी तरह से दुख में डूबा हुआ है। हमने आज देखा कि हजारों और लाखों लोग वहां मौजूद थे, ‘अजीत दादा, अजीत दादा’ के नारे लगा रहे थे। जब ऐसा हादसा हुआ हो, तो शक पैदा करना और आरोप लगाना परिवार और महाराष्ट्र के लोगों के लिए दर्दनाक है। बाद में राजनीति के लिए बहुत समय और मौके मिलेंगे।”

