नईदिल्ली। दिल्ली का कर्तव्य पथ राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक फैला 3 किमी लंबा प्रतिष्ठित मार्ग है, जो भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत और सैन्य शक्ति का प्रतीक है। 2022 में पुनर्विकसित, यह औपनिवेशिक विरासत को त्यागकर जन-केंद्रित शासन (कर्तव्य) का संदेश देता है और गणतंत्र दिवस परेड का मुख्य स्थल है। यह स्थान भारत के इतिहास और भविष्य के संगम के रूप में कार्य करता है।
कर्तव्य पथ को याद दिलाता यह मार्ग
गणतंत्र दिवस की परेड जहां से निकलती है उसे पहले राजपथ कहा जाता था। साल 2022 में जब देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा था उस वक्त इस पथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया। कर्तव्य का अर्थ है वह कार्य जो करना नैतिक रूप से सही या जरूरी है और पथ का अर्थ है मार्ग। ऐसे में कर्तव्य पथ का शाब्दिक अर्थ है कि वह मार्ग जो हमें अपने कर्तव्यों को पूरा करने की ओर ले जाता है।
ब्रिटिश वास्तुकार सर एडविन लुटियंस ने किया था निर्माण
कर्तव्य पथ का निर्माण ब्रिटिश वास्तुकार सर एडविन लुटियंस ने किया था। इसकी योजना 1911 में तब बनाई गई थी जब ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम ने भारत की राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने का फैसला किया था। किंग्सवे का निर्माण 1921 में शुरू हुआ और 1931 में पूरा हुआ। यह भारत के लोकतंत्र और उसके लोगों की एकता का प्रतीक है। 2022 में कर्तव्य पथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया। इस नाम परिवर्तन का उद्देश्य भारत के नागरिकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को उजागर करना था।
यह है प्रमुख कारण
गणतंत्र का प्रतीक- हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड यहीं आयोजित होती है, जो देश की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करती है।
औपनिवेशिक विरासत से मुक्ति- पहले किंग्सवे और फिर राजपथ (राजा का मार्ग) के नाम से जाना जाने वाला यह रास्ता अब कर्तव्य पथ (सेवा और कर्तव्य का मार्ग) बन गया है, जो औपनिवेशिक मानसिकता को छोड़ नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है।
ऐतिहासिक और रणनीतिक महत्व- यह रायसीना हिल से इंडिया गेट तक केंद्रीय विस्टा का प्रमुख हिस्सा है, जो देश की लोकतांत्रिक शक्ति का केंद्र है।
आधुनिक पर्यटन स्थल- नया कर्तव्य पथ आधुनिक सुविधाओं, जैसे लाल ग्रेनाइट के पैदल मार्ग, बेहतर पार्किंग, पानी की नहरें, राज्य-विशिष्ट फूड स्टॉल और बेहतर प्रकाश व्यवस्था के साथ एक प्रमुख पर्यटक स्थल है।
नेट जीरो और हरित क्षेत्र- यह 19 एकड़ के क्षेत्र में नहरों, बेहतर हरियाली और ऊर्जा-कुशल तकनीकों के साथ पर्यावरण के अनुकूल है, जो राजधानी के बीच में एक स्वच्छ वातावरण प्रदान करता है।
