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अफगानिस्तान में 5.9 तीव्रता का भूकंप, दिल्ली में भूकंप के झटके और दहशत

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Delhi earthquake tremors after Afghanistan quake

अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में शुक्रवार रात आए 5.9 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने जान-माल का भारी नुकसान किया है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, उत्तर भारत और विशेषकर दिल्ली में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे घबराए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

अफगानिस्तान में भूकंप का केंद्र और तबाही

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 की रात अफगानिस्तान एक बार फिर तेज भूकंप से दहल उठा। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) और भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता 5.8 से 5.9 के बीच मापी गई। इसका केंद्र कुंदुज शहर से लगभग 150 किलोमीटर पूर्व में हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला में था।

भूकंप की गहराई सतह से 150 से 177 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। इतनी गहराई के बावजूद इसका प्रभाव काफी व्यापक था। राजधानी काबुल के बाहरी इलाके में एक मकान ढहने से एक ही परिवार के आठ लोगों की जान चली गई, जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया हाई अलर्ट

आपदा के तुरंत बाद, अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शराफत ज़मान ने पुष्टि की कि काबुल और प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हालांकि काबुल भूकंप के केंद्र से 290 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है, लेकिन झटके इतने जोरदार थे कि पुरानी इमारतें इसका दबाव नहीं सह पाईं। दुर्गम इलाका होने के कारण बचाव दलों को दूरदराज के क्षेत्रों से जानकारी जुटाने में कई घंटे लग रहे हैं।

उत्तर भारत और दिल्ली में भूकंप के झटके का असर

इस प्राकृतिक आपदा का सीधा असर पड़ोसी देशों पर भी पड़ा। भारत में रात 9:42 बजे (IST) धरती कांप उठी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में हालात तब तनावपूर्ण हो गए जब दिल्ली में भूकंप के झटके काफी देर तक महसूस किए गए।

इसके अलावा नोएडा, गाजियाबाद, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भी कंपन दर्ज किया गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, घरों में पंखे हिलने लगे और बेड कांपने लगे। घबराहट में लोग अपनी बहुमंजिला इमारतों से नीचे उतर आए और सड़कों पर जमा हो गए। हालांकि, भारत में किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है।

People gathered on streets in Delhi-NCR after a 5.9 magnitude earthquake struck Afghanistan’s Hindu Kush region causing 8 casualties.

पाकिस्तान के कई शहरों में भी महसूस हुआ कंपन

भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिमी हिस्से में स्थित पाकिस्तान भी इस भूकंप से अछूता नहीं रहा। पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (PMD) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद, पेशावर, चित्राल, स्वात और शांगला जैसे शहरों में लोगों ने तेज झटके महसूस किए।

चूंकि भूकंप का केंद्र हिंदू कुश क्षेत्र था, जो पाकिस्तान की उत्तरी सीमा के काफी करीब है, इसलिए वहां कंपन की तीव्रता अधिक थी। हालांकि, राहत की बात यह रही कि पाकिस्तान प्रशासन की ओर से किसी भी तरह के बुनियादी ढांचे के नुकसान या हताहतों की कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

पिछले चार सालों में अफगानिस्तान के प्रमुख भूकंप

अफगानिस्तान भूगर्भीय रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। यही कारण है कि यह देश लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े इस खौफनाक सच्चाई को बयान करते हैं:

हिंदू कुश क्षेत्र में बार-बार भूकंप क्यों आते हैं?

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला यूरेशियन और इंडियन टेक्टोनिक प्लेट्स के मिलन बिंदु पर स्थित है। जब ये भारी चट्टानी प्लेटें आपस में टकराती हैं या रगड़ खाती हैं, तो भारी मात्रा में ऊर्जा रिलीज होती है। यही ऊर्जा भूकंपीय तरंगों के रूप में धरती की सतह तक पहुंचती है। यही कारण है कि अफगानिस्तान और इसके आस-पास के क्षेत्रों में अक्सर उच्च तीव्रता वाले भूकंप दर्ज किए जाते हैं।

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