Delhi blasts Big Reveal : दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए कार धमाके को लेकर अबतक कई अहम खुलासे हुए हैं। गिरफ्तार फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल की सदस्य डॉ. शाहीन शाहिद ने कबूल किया कि वह अपने साथी आतंकियों के साथ मिलकर देशभर में हमलों की साजिश रच रही थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शाहीन ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले दो सालों से विस्फोटक सामग्री जमा कर रही थी। धमाके वाले दिन, I20 कार लाल किला पहुंचने से पहले दिल्ली के कई इलाकों से गुजरी थी। कार दोपहर 2:30 बजे कनॉट प्लेस पहुंची और थोड़ी देर बाद वहां से चली गई।
दिल्ली धमाके में 13 लोगों की गई जान
दिल्ली धमाके ने पूरे शहर को दहला दिया। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास सोमवार शाम लगभग 6 बजकर 52 मिनट पर सफेद i20 कार में धमाका हुआ, जिसमें 12 लोग मारे गए। इस घटना में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है और 21 लोग घायल हैं, कई लोगो की हालत अभी भी गंभीर है।
डॉ. मुजम्मिल और डॉ. अदील अहमद गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, कार में विस्फोटक वही था जो फरीदाबाद से जब्त किया गया था। यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़ा है, जो जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और यूपी में सक्रिय हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। प्रमुख संदिग्धों में डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील अहमद और डॉ. उमर शामिल हैं। डॉ. उमर धमाके के समय मारा गया, जबकि डॉ. मुजम्मिल और डॉ. अदील अहमद को पकड़ लिया गया।
सुसाइड कार बम हमला नहीं था
दिल्ली-NCR और पुलवामा में लगातार छापेमारी के दबाव में अलफलाह यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. उमर नबी ने जल्दबाजी में अधूरा तैयार IED लेकर फरीदाबाद से कार में निकला, जिससे धमाका हुआ। इस वजह से धमाके का असर सीमित रहा और क्रेटर या छर्रे नहीं बने। जांच में यह भी सामने आया कि कार ने किसी टारगेट को टक्कर नहीं मारी और किसी बिल्डिंग में घुसी नहीं, यानी यह सुसाइड कार बम हमला नहीं था। विस्फोट में डॉ. उमर मारा गया और पुलिस ने उसके अवशेषों की पहचान के लिए मां का DNA सैंपल लिया।
दीवाली में धमाके की योजना बना रहे थे
डॉ. मुजम्मिल से पूछताछ में पता चला कि उसने और डॉ. उमर ने जनवरी के पहले हफ्ते में लाल किले की रेकी की थी। फोन डंप डेटा से यह जानकारी मिली कि उनकी योजना का एक अहम हिस्सा 26 जनवरी को लाल किले पर हमला करना था। इसके अलावा, वे दीवाली के समय भीड़भाड़ वाली जगहों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।
घर में मिला था 2,500 किलोग्राम विस्फोटक सामान
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल के मामले में हरियाणा के मेवात से मौलवी इश्तियाक को हिरासत में लिया। उसके घर से 2,500 किलोग्राम से अधिक अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम क्लोरेट और सल्फर बरामद किए गए। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ब्लास्ट साइट पर लगातार सबूत और सैंपल जुटा रही है। अब तक 40 से अधिक नमूने इकट्ठे किए गए हैं। साइट से दो जिंदा कारतूस भी मिले हैं, जिनकी जांच चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि हो सकता है ये कारतूस किसी पुलिसकर्मी के हथियार से गलती से गिर गए हों।
फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं विस्फोट सैंपल
एफएसएल टीम को घटनास्थल से दो प्रकार के विस्फोटक पदार्थ मिले हैं। पहला अमोनियम नाइट्रेट जैसा है और दूसरा इससे कहीं अधिक घातक हो सकता है। दोनों सैंपल्स को विस्तृत जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमाके में किस विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ।
धमाके के करीब 24 घंटे बाद घटनास्थल पर मलबा हटाया गया। मलबा हटाने की प्रक्रिया एफएसएल टीम द्वारा सैंपल इकट्ठा करने के बाद शुरू की गई ताकि कोई अहम सबूत न छूटे। ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई हुंडई i20 कार के अवशेष भी फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं, जहां उनकी वैज्ञानिक जांच की जा रही है।
डॉ. उमर ने घबराहट में खुद ही विस्फोट किया था
जानकारी के मुताबिक, फरीदाबाद मॉड्यूल के साथी गिरफ्तार होने के बाद डॉ. उमर ने पैनिक में आकर खुद ही विस्फोट कर दिया। वह अपने आकाओं के आदेश का इंतजार कर रहा था, लेकिन दबाव में आकर इस कदम को उठाया। विस्फोट के दौरान क्षतिग्रस्त कुछ वाहन अभी भी सड़क पर पड़े हैं, जिन्हें हटाने की प्रक्रिया जारी है।
हरियाणा से एक मौलवी हाफिज मोहम्मद इश्तियाक को भी हिरासत में लिया गया है। फरीदाबाद, सहारनपुर और जम्मू-कश्मीर सहित विभिन्न स्थानों से संदिग्ध आतंकी डॉक्टरों को पकड़ा गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। इमाम इरफान अहमद की गिरफ्तारी से यह खुलासा हुआ कि डॉक्टरों के बाद मौलवी भी आतंकी साजिश में शामिल थे। इरफान अहमद जम्मू-कश्मीर के शोपियां का निवासी है और उसे श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा, फरीदाबाद से हिरासत में लिए गए मौलवी हाफिज मोहम्मद इश्तियाक से भी पूछताछ जारी है। दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके के बाद जांच एजेंसियां गहन सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं। इसी क्रम में फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में छात्रों, स्टाफ और प्रिंसिपल से पूछताछ की गई, और यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार डॉक्टर मुजम्मिल को जानने वाले करीब 52 लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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