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Defrail Technologies IPO 9 जनवरी से खुलेगा, BSE SME पर लिस्टिंग

Defrail Technologies team during company presentation ahead of IPO listing on BSE SME platform

Defrail Technologies IPO की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। रबर और इंजीनियर्ड पॉलिमर कंपोनेंट बनाने वाली यह कंपनी 9 जनवरी से 13 जनवरी तक निवेशकों से आवेदन स्वीकार करेगी। आईपीओ के बाद कंपनी के शेयर BSE SME प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होंगे।

Defrail Technologies IPO का एलान

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनी Defrail Technologies Limited ने अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम की घोषणा की है। यह आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा, जिसके जरिए कंपनी बाजार से पूंजी जुटाएगी। कंपनी का कहना है कि यह कदम उसके विस्तार और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।

आईपीओ का सब्सक्रिप्शन शुक्रवार, 9 जनवरी से शुरू होकर मंगलवार, 13 जनवरी तक खुला रहेगा। शेयरों की लिस्टिंग 16 जनवरी को प्रस्तावित है।

Defrail Technologies IPO: साइज और प्राइस बैंड

इस आईपीओ का कुल इश्यू साइज ₹13.77 करोड़ रखा गया है। कंपनी 18.60 लाख नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। प्रत्येक शेयर का फेस वैल्यू ₹10 है, जबकि प्राइस बैंड ₹70 से ₹74 प्रति शेयर तय किया गया है।

निवेशकों के लिए लॉट साइज 1,600 शेयरों का होगा। इसका मतलब है कि रिटेल निवेशकों को न्यूनतम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा।

BSE SME प्लेटफॉर्म पर होगी लिस्टिंग

Defrail Technologies अपने शेयर BSE SME Platform पर सूचीबद्ध करने जा रही है। SME प्लेटफॉर्म उन छोटी और उभरती कंपनियों के लिए बनाया गया है, जो पूंजी बाजार के जरिए विकास करना चाहती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, SME सेगमेंट में लिस्टिंग कंपनियों को दृश्यता और फंडिंग के नए अवसर प्रदान करती है, हालांकि इसमें निवेश जोखिम भी जुड़े रहते हैं।

निवेशकों के लिए शेयर आवंटन ढांचा

आईपीओ में अलग-अलग श्रेणियों के निवेशकों के लिए शेयर आरक्षित किए गए हैं। इसमें रिटेल निवेशकों, योग्य संस्थागत निवेशकों (QIB), गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) और एंकर निवेशकों के लिए अलग-अलग हिस्से तय किए गए हैं।

मार्केट मेकर के लिए भी कुछ शेयर आरक्षित रखे गए हैं, ताकि लिस्टिंग के बाद शेयर में तरलता बनी रहे।

जुटाई गई राशि का कहां होगा उपयोग

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि आईपीओ से मिलने वाली राशि का बड़ा हिस्सा पूंजीगत खर्च में लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाना और आधुनिक मशीनरी में निवेश करना है।

इसके अलावा, कुछ राशि सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों और इश्यू से जुड़े खर्चों पर खर्च की जाएगी। कंपनी का मानना है कि यह निवेश उसके दीर्घकालिक विकास को समर्थन देगा।

कंपनी प्रोफाइल और बिजनेस मॉडल

Defrail Technologies की स्थापना अक्टूबर 2023 में हुई थी। कंपनी ने Impex Hitech Rubber और Vikas Rubber Industries के रनिंग बिजनेस का अधिग्रहण किया था। यह कंपनी औद्योगिक और OEM ग्राहकों के लिए रबर और पॉलिमर आधारित कंपोनेंट्स बनाती है।

हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गुणवत्ता, समय पर डिलीवरी और लंबे ग्राहक संबंधों पर केंद्रित है।

मैनेजमेंट का नजरिया

कंपनी के प्रमोटर Vivek Aggarwal के अनुसार, आईपीओ कंपनी के लिए एक अहम चरण है। इससे मैन्युफैक्चरिंग ढांचे को मजबूत करने और विस्तार योजनाओं को गति मिलेगी।

वहीं, बुक रनिंग लीड मैनेजर Nexgen Financial Solutions Private Limited का मानना है कि यह एसएमई सेगमेंट में एक संतुलित पेशकश है, जिसमें पूंजी उपयोग की योजना स्पष्ट है।

निवेशकों के लिए क्या मायने

SME आईपीओ आमतौर पर उच्च जोखिम और उच्च संभावित रिटर्न के साथ आते हैं। Defrail Technologies का बिजनेस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ा है, जहां मांग और लागत दोनों बाजार स्थितियों पर निर्भर करती हैं।

निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, उद्योग जोखिम और लिस्टिंग से जुड़े पहलुओं का मूल्यांकन करना जरूरी होगा।

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