रीवा: मकर संक्रांति पर महामृत्युंजय मंदिर में खिचड़ी मेला, क्योंटी जलप्रपात में सजा चार दिवसीय मेला

Decoration fair on Makar Sankranti in Rewa


Decoration fair on Makar Sankranti in Rewa: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर रीवा जिले में भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक उत्साह का रंग छा गया है। सदियों पुरानी परंपराओं के साथ विभिन्न धार्मिक स्थलों पर मेले सजे हैं, जहां हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पूजा-अर्चना, पारंपरिक पकवानों और मनोरंजन में डूबे नजर आ रहे हैं।

रीवा किला परिसर में स्थित महामृत्युंजय मंदिर दुनिया का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां 1001 छिद्रों वाला अद्भुत सफेद शिवलिंग विराजमान है। यहां मकर संक्रांति पर सैकड़ों वर्षों से खिचड़ी मेला लगता है, जिसमें भक्तजन महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर आशीर्वाद लेते हैं। मेला एक दिवसीय होता है, लेकिन इसमें खिलौनों, खान-पान और पारंपरिक सामग्री की दुकानें सजी रहती हैं, जो पूरे दिन भक्तों की भीड़ खींचती हैं। यह मेला महाशिवरात्रि और बसंत पंचमी की तरह ही यहां का प्रमुख आकर्षण है।

रीवा शहर से लगभग 37 किमी दूर क्योंटी जलप्रपात क्योटी में चार दिवसीय मेला आज से शुरू हो गया है। यहां नारद कुंड, शिवकुंड, भैरव बाबा और चतुर्भुज भगवान के दर्शन के साथ मनोरम जलप्रपात का नजारा देखने के लिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मेले में पारंपरिक पकवान, गृहस्थी सामान, बच्चों के खिलौने, गन्ना, लाइ और अन्य मनोरंजन की दुकानें लगी हैं। लोग परिवार के साथ पिकनिक मना रहे हैं और झूला-झूले, खेलों में भाग ले रहे हैं।

इसके अलावा, मऊगंज जिले के नईगढ़ी अंचल में बहुती जलप्रपात के समीप ओड्डा नदी के तट पर भी पारंपरिक मेला सजा है। यहां देवतालाब और अष्टभुजा धाम सहित अन्य स्थलों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। मेले में जिले भर से आए व्यापारियों ने गृहस्थी सामान, खिलौने और पारंपरिक खाद्य पदार्थों की दुकानें सजाई हैं।जिला प्रशासन और पुलिस ने भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, जिसमें यातायात प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्था शामिल है। मकर संक्रांति का यह पर्व रीवा और आसपास के क्षेत्रों में सांस्कृतिक एकता, भक्ति और खुशी का प्रतीक बन गया है, जहां लोग सूर्य के उत्तरायण होने का स्वागत कर रहे हैं।

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