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एमपी के शीतला मंदिर हादसे में बुजूर्ग की मौत से आकंडा पहुचा 16, मेले के व्यापारियों ने कहा, कोरोना से भी ज्यादा हालत खराब

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर के शीतला माता मंदिर में नवदुर्गा मेले के दौरान घटी घटना का जख्म कंम होने का नाम नही ले रहा है। दुर्घटना में घायल 78 वर्षीय मोतीलाल प्रजापति की ईलाज के दौरान मंगलवार को मौत हो गई। वें ग्राम सातऊ, गिर्द के रहने वाले थें। बताया जाता है कि बुजूर्ग मोतीलाल हार्ट पेशेंट भी थें और वे शीतला माता मंदिर में बेकाबू ट्रक जद में आने से घायल हो गए थें। परिजन उन्हे ईलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती किए थें, ईलाज के दौरान अंततः उनकी मौत हो गई। ज्ञात हो कि सोमवार की शाम प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मरीज का हाल जानने पहुंचे थे। मंगलवार सुबह 6.15 पर बुजूर्ग का निधन हो गया।

यह थी घटना

ज्ञात हो कि शीतला माता मंदिर में नवदुर्गा उत्सव के बीच शनिवार की रात एक बेकाबू ट्रक ने तकरीबन आधा सैकड़ा लोगो को टक्कर मार कर कुचल दिया था। जिसमें 15 लोगो की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 26 लोग घायल हो गए थें। घायलों का ईलाज शासन-प्रशासन की देखरेख में चल रहा है।

मेले के निराश हुए व्यापारी

शीतला माता मंदिर परिक्षेत्र में आयोजित मेले में व्यापारी अच्छे व्यापार की उम्मीद से पहुचे थें, लेकिन हादसा हो जाने से उन्हे निराशा हाथ लगी। मेला परिक्षेत्र खाली होने लगा है। व्यापारियों का कहना था कि हादसे की वजह से मेला और व्यापार पूरी तरह खत्म हो गया, दरअसल शीतला माता मंदिर में यू तो माईया के भक्त पहुचते है, लेकिन सबसे ज्यादा भीड़ अष्टमी और नवमी तिथी पर होती थी। जंहा श्रद्धालुओं की सख्या लाखों में पहुचती थी। पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की संख्या उक्त तिथी पर सबसे ज्यादा होती थी। जिसका फायदा व्यापारियों को मेले में होता था। इस वर्ष मेले के 6वें दिन हादसा हो जाने से श्रद्धालुओं की संख्या न के बराबर हो गई। जिससे व्यापार पूरी तरह से ठप्प हो गया और व्यापारियों को उल्टे पांव लौटना पड़ रहा है।

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