Dead bodies of 2 children including father reached Gadra village of Mauganj: मऊगंज के गड़रा गांव में पिता सहित दो बच्चों के शव मिलने के बाद से मातम पसरा हुआ है। परिजनों और ग्रामीणों में पुलिस को लेकर भी काफी आक्रोश है। शवों के पोस्टमार्टम के बाद आज शनिवार को जब पुलिस और प्रशासन के अधिकारी एंबुलेंस से शव लेकर गांव पहुंचे तो परिजनों ने एंबुलेंस को घेर लिया और सीबीआई जांच की मांग को लेकर अड़ गए। परिजनों ने शवों के अंतिम संस्कार को भी रोक दिया। इस दौरान मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन ग्रामीणों को समझाने की काफी कोशिश की। मऊगंज एसपी दिलीप कुमार सोनी ने भी ग्रामीणों को समझाइश देने का प्रयास किया। इस दौरान पूर्व विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना भी मौजूद रहे। मृतक के बेटे पवन का कहना है कि जब तक सीबीआई जांच की घोषणा नहीं होती, शवों का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। साथ ही एसडीओपी अंकिता सुल्या को निलंबित किया जाए।
अपनी मांगों पर अड़े ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर मऊगंज और रीवा सहित पांच जिलों का पुलिस बल गांव में तैनात किया गया है। वहीं आईजी गौरव राजपूत ने मऊगंज एसडीओपी अंकिता सुल्या को हटाकर आईजी कार्यालय में संबद्ध कर दिया है। बतादें कि गडरा गांव में शुक्रवार को औसेरी साकेत, उसकी बेटी मीनाक्षी और बेटे अमन के शव घर में फंदे पर मिले थे। शव पूरी तरह सड़ और गल चुके थे। परिजन ने आरोप लगाए हैं कि पुलिस ने पिटाई के बाद शव फंदे से लटका दिए। दरअसल इसी गांव में 15 मार्च को एक युवक सनी द्विवेदी की पीट-पीटकर हत्या के बाद हुई हिंसा में एएसआई रामचरण गौतम भी शहीद हो गए थे। इसके बाद से गांव में पुलिस बल तैनात है।