Datia By-election 2026: दतिया विधानसभा उपचुनाव की नामांकन प्रक्रिया के बीच पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा द्वारा नामांकन पत्र खरीदे जाने से सियासी हलचल तेज हो गई है। हालांकि भाजपा ने अभी तक उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन इस घटनाक्रम के बाद उनकी संभावित उम्मीदवारी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। वहीं भाजपा और कांग्रेस दोनों की प्रत्याशी सूची का इंतजार किया जा रहा है।
Datia By-election 2026: दतिया विधानसभा उपचुनाव की नामांकन प्रक्रिया के तीसरे दिन प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा द्वारा नामांकन पत्र खरीदे जाने के बाद जिले की सियासत में हलचल तेज हो गई है। हालांकि नामांकन फॉर्म खरीदना चुनाव लड़ने की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जाता, लेकिन इस कदम के बाद उनकी संभावित उम्मीदवारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल भाजपा और कांग्रेस सहित किसी भी प्रमुख राजनीतिक दल ने अपने अधिकृत प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया है।
तीसरे दिन चार उम्मीदवारों ने खरीदे नामांकन पत्र
बुधवार को डॉ. नरोत्तम मिश्रा के अलावा बालकिशन विश्वकर्मा (छतरपुर), वेदराम कुर्मी (दमोह) और हंशमुखी लोधी ने भी नामांकन पत्र खरीदे। इसके साथ ही तीन दिनों में नामांकन फॉर्म लेने वाले संभावित उम्मीदवारों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है।
तीन दिन में 9 लोगों ने लिया नामांकन फॉर्म
नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव और केशव यादव ने फॉर्म खरीदा था। दूसरे दिन कांग्रेस नेता अवधेश नायक के साथ हरदास और रामसिंह ने भी नामांकन पत्र लिया। हालांकि अब तक किसी भी संभावित उम्मीदवार ने अपना नामांकन दाखिल नहीं किया है।
भाजपा और कांग्रेस की सूची का इंतजार
उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद दतिया में चुनावी गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अभी तक अपने उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों दलों की पहली उम्मीदवार सूची जारी होने के बाद चुनावी मुकाबले की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी और नामांकन प्रक्रिया भी रफ्तार पकड़ेगी।
नरोत्तम मिश्रा के कदम से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
डॉ. नरोत्तम मिश्रा द्वारा नामांकन पत्र खरीदे जाने को दतिया उपचुनाव का बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल इस कदम ने जिले की चुनावी राजनीति को नई चर्चा दे दी है। अब सभी की नजरें भाजपा और कांग्रेस की उम्मीदवार सूची तथा आगामी चुनावी रणनीति पर टिकी हैं।

