सिंगरौली जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिसके चलते नदी-नालों और पुल-पुलियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रविवार को बारिश के बीच सामने आई दो बड़ी घटनाओं ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पहली घटना देवसर-बरगवां मार्ग की है, जहां एक दंपती बाइक पर सवार होकर देवसर से बरगवां की ओर जा रहा था। रास्ते में खाक पुलिया को पार करते समय पानी का तेज बहाव इतना अधिक था कि बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दोनों पानी के तेज बहाव में बह गए। इस हादसे के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन पानी का बहाव बहुत तेज होने के कारण रेस्क्यू टीम को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस के अनुसार, घटना के तुरंत बाद पानी में एक महिला दिखाई दी थी, लेकिन तेज बहाव के कारण उसका और उसके साथ बह रहे व्यक्ति का अभी तक स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें लापता दंपती की तलाश में जुटी हुई हैं, हालांकि उनकी पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।
दूसरी तरफ, लगातार हो रही बारिश का असर सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर भी देखने को मिला, जहां खाखन पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। स्थिति की गंभीरता और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस पुल से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी। आवागमन बंद होने से हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस बीच, स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ गहरा रोष व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि सीधी-सिंगरौली हाईवे का निर्माण कार्य पिछले 13 सालों से चल रहा है और खाखन में नया पुल भी लंबे समय से अधूरा पड़ा है। निर्माण पूरा न होने के कारण आज भी पुराने पुल से ही आवागमन करना पड़ रहा है, जो बारिश के दिनों में जानलेवा साबित हो रहा है। जनता ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे उफनते मार्गों और पुल-पुलिया पर तुरंत बैरिकेडिंग की जाए और पुलिस-प्रशासन की स्थायी निगरानी बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

