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एमपी में तैयार हुई देश की सबसे लंबी जल सुंरग, लहलहाऐगे 1450 गांव, गुरुत्वाकर्षण से विंध्य में पहुचेगा पानी

कटनी। बरगी व्यपवर्तन परियोजना के तहत इंजीनियरों और मजदूरों ने 17 वर्षों के बेहद चुनौतीपूर्ण संघर्ष के बाद विंध्य पर्वत श्रृंखला को चीरकर 11.952 किलोमीटर लंबी और 10.14 मीटर व्यास वाली देश की सबसे लंबी सिंचाई जल सुरंग का निर्माण पूरा कर लिया है। मध्यप्रदेश के कटनी जिले में स्थित इस लंबी जल सुरंग ‘स्लीमनाबाद टनल’ का निर्माण वर्ष 2008 में शुरू हुई, इस परियोजना को भू-गर्भीय चुनौतियों के कारण अत्याधुनिक तकनीक और विशेष इंजीनियरिंग उपायों से अंतिम चरण तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को इसका निरीक्षण कर रहे है।

गुरुत्वाकर्षण बल के जरिए विंध्य क्षेत्र तक पहुंचेगा पानी

मध्य प्रदेश के कटनी जिले में स्थित स्लीमनाबाद टनलश् देश की सबसे लंबी सिंचाई जल सुरंग है। यह सुरंग बरगी डायवर्शन प्रोजेक्ट का मुख्य हिस्सा है। इसके माध्यम से नर्मदा नदी का पानी गुरुत्वाकर्षण बल के जरिए सीधे विंध्य क्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरी होने से जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना के लगभग 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी।

जब अमेरिकी मशीन भी हो गई पस्त

विंध्य की 40 मीटर ऊंची कठोर चट्टानों और जमीन से करीब 30 मीटर नीचे चल रहे इस महा-अभियान में कदम-कदम पर मुश्किलें थीं. मार्बल, कठोर लाइमस्टोन और डोलोमाइट की मजबूत चट्टानों के साथ-साथ टनल के भीतर प्रति मिनट 25 हजार लीटर तक होने वाले पानी के रिसाव ने काम को रोक दिया था. एक समय तो ऐसा आया जब पूर्व में काम कर रही भारी-भरकम अमेरिकी मशीन भी टूटकर पस्त हो गई थी. ऐसे नाजुक मोड़ पर अत्याधुनिक जर्मन हेरेनकनेक्ट मशीन और विशेष टेम ग्राउटिंग तकनीक को मैदान में उतारा गया. घनी आबादी, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे ट्रैक के ठीक नीचे से गुजरने के बावजूद इस टनल को बिना किसी जान-माल के नुकसान के बेहद सुरक्षित तरीके से पूरा कर लिया गया।

यह है अंहम

17 वर्षों की कठिन भू-गर्भीय चुनौती खत्‍म
अंतिम चरण में पहुंची 11.952 किमी लंबी सुरंग
नर्मदा का जल गुरुत्वाकर्षण से विंध्य के खेतों तक पहुंचेगा
2.45 लाख हैक्टेयर भूमि में स्थायी रूप से सिंचाई हो सकेगी।

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