रीवा। शहर की बेलगाम यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अब नगर निगम ने भी मोर्चा संभाल लिया है। डीआईजी और एसपी की सख्ती के बाद, मंगलवार को नवागत नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन स्वयं जमीनी हकीकत जानने सड़कों पर उतरे। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के साथ शहर के सबसे व्यस्त और जाम प्रभावित क्षेत्रों—जय स्तंभ चौक, बड़ी पुल और वेंकट मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया। आयुक्त के इस औचक निरीक्षण से सड़क किनारे अवैध कब्जा करने वाले दुकानदारों में हड़कंप की स्थिति रही।
जाम की जड़ ‘अतिक्रमण’ पर होगा प्रहार
निरीक्षण के दौरान आयुक्त अक्षत जैन ने पाया कि सड़कों पर लग रहे भीषण जाम का मुख्य कारण दुकानों के सामने फैला अवैध अतिक्रमण और सड़कों तक पसरी हुई दुकानें हैं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि सड़कों को घेरकर व्यापार करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। आयुक्त ने कहा कि जल्द ही एक ठोस कार्ययोजना के तहत इन बाधाओं को हटाया जाएगा और स्ट्रीट वेंडर्स (रेहड़ी-पटरी वालों) के लिए एक निश्चित दायरा तय किया जाएगा, ताकि वे अपना व्यापार भी कर सकें और आवागमन भी सुचारू बना रहे।
रोटरी डिजाइन में सुधार और चौड़ीकरण की तैयारी
शहर के प्रवेश द्वारों और प्रमुख चौराहों को जाम मुक्त बनाने के लिए निगम आयुक्त ने जय स्तंभ की रोटरी डिजाइन में तकनीकी सुधार और सड़कों के चौड़ीकरण की संभावनाओं को भी टटोला। उन्होंने कहा कि मौके की स्थिति का आकलन कर लिया गया है और अब नगर निगम अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। आयुक्त के इस कड़े रुख के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में नगर निगम का ‘पीला पंजा’ अवैध कब्जों पर चल सकता है, जिससे रीवा वासियों को लंबे समय से मिल रहे जाम के झाम से स्थाई मुक्ति मिल सकेगी।

