भोपाल। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानि की SIR को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रदर्शन करते हुए चुनाव कार्यालय का घेराव करने की कोश्शि की है, तो वही आंदोलन कारियों को रोकने के लिए पुलिस ने न सिर्फ रास्ते में बैरिकेट्रस लगा रखे थें बल्कि भारी पुलिस बल तैनात रहा। आदोलन कारी मतदाता सूची पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किए है।
ऐसे बिगड़ा मामला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। उन्हे रोकने के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर भी चढ़ गए। कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार करके आंदोलन कारियों को पीछे होने के लिए मजबूर कर दिया।
जंजीरों में जकड़ा रहा ज्ञानेश कुमार का मुखौटा
आंदोलन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा चर्चा में रहा। एक कार्यकर्त्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहने और जंजीरों में जकड़े हुए चल रहा था। जीतू पटवारी और उमंग सिंघार उसे जंजीरों से पकड़े नजर आए।
आंदोलन की यह थी वजह
कांग्रेस के इस आंदोलन की जो वजह थी वह इंडियन एक्सप्रेस की वह रिपोर्ट है, जिसमें चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से पिछले 10 महीनों में चुनावी सूची और एसआईआर से जुड़े कुछ फैसलों पर कम से कम 14 आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी। चुनाव आयोग ने बाद में कहा कि आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।

