मध्य प्रदेश में चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पतालों की लापरवाही और बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। रीवा, छिंदवाड़ा, सागर और बालाघाट जैसी जगहों पर लगातार हो रही स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर घटनाओं के विरोध में रीवा के कमिश्नर कार्यालय के पास ‘न्याय आंदोलन’ की शुरुआत की गई है। आंदोलन के तहत अस्पतालों में इलाज के अभाव में हो रही मौतों पर रोष जताते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के तत्काल इस्तीफे की मांग की जा रही है। 6 सितंबर से चल रहे इस धरने-प्रदर्शन में कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता पहुंच रहे हैं।
आज इस आंदोलन में विशेष रूप से शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने रीवा, सतना और बालाघाट की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री अपने गृह जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था तक सुधारने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि मंत्रीजी को राजनीति छोड़कर अपने पिता की तरह ठेकेदारी करनी चाहिए, क्योंकि यह उनके बस का नहीं है। दिग्विजय सिंह ने यह भी दावा किया कि भले ही उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का समर्थन हासिल हो, लेकिन कांग्रेस उन्हें स्वास्थ्य मंत्री पद पर नहीं रहने देगी।

