यूपी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए सोमवार सुखद रहा है और सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने मानहानि के मामले में उन्हे बरी कर दिया है। कोर्ट ने जिस मामले में यह फैसला सुनाया है वह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़ा हुआ है और राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। फैसला आने के बाद समर्थकों ने खुशी की लहर दौड़ गई है।
साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त
केन्द्रीय ग्रह मंत्री अमित शाह पर अभ्रद टिप्पणी का आरोप लगाते हुए सुल्तानपुर के एमपीएमएलए की अदालत में एक मुकदमा राहूल गांधी के खिलाफ दर्ज कराया गया था। मानहानि के इस मामले में अदालत ने सोमवार को अपना फैसला सुनाते हुए राहुल गांधी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। इस निर्णय से वर्ष 2018 में दर्ज मानहानि के मामले में राहुल गांधी को राहत मिली है।
इस तरह के लगे थें आरोप
मामला वर्ष 2018 में की गई एक टिप्पणी से जुड़ा है। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्र ने अमित शाह के खिलाफ राहुल गांधी की टिप्पणी से नाराज होकर मानहानि का मुकदमा दायर किये थें। राहुल गांधी पर आरोप लगाया गया था कि मई 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। राहुल गांधी ने बयान दिया था कि लोग यह भूल जाते हैं कि बीजेपी अध्यक्ष (अमित शाह) हत्या के मामले में आरोपी रहे हैं। इस बयान से मानहानि होने का आरोप लगाते हुए 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर के स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ सुल्तानपुर की अदालत में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।
जमानत पर थें राहुल गांधी
अदालती कार्रवाई के दौरान 27 नवंबर 2023 को कोर्ट ने राहुल गांधी को तलब किया था, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट में पेश होकर जमानत ली थी। 12 अक्टूबर 2026 को दोनों पक्षों की बहस पूरी हुई थी। साक्ष्य के अभाव में 26 अक्टूबर 2026 को अदालत ने राहुल गांधी को इस मामले से पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया।

