रीवा। लगातार हो रही बारिश के चलते रीवा जिले में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है, जिससे शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है। शहर के दर्जनों मुहल्लों में बारिश का पानी ऐसे बह रहा था मानों नहर का पानी चल रहा हो, घरों में पानी भर जाने से लोगो की गृहस्थी तैरने लगी। इस आपदा ने शहर के विकास कार्यों और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिससे करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जलभराव की पुरानी समस्या जस की तस बनी हुई है। हालांकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमें हरकत में आ गई हैं और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश के बीच नागरिकों से अत्यधिक सावधानी बरतने और एहतियात के तौर पर नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।
उफनाई बीहर नदी
शहर से बहने वाली बीहर नदी यू तो इस अंचल के लिए जीवन दायनी है, लेकिन बारिश में नदी का रौद्र रूप डरावना हो जाता है, कुछ इसी तरह के हालात इन दिनों बने हुए है। नदी का जलस्तर बढ़ जाने से ईकों पार्क को आने-जाने के लिए बनाया गया पुल नदी के पानी पूरी तरह से डूब गया है, जबकि छोटी पुल सड़क मार्ग के करीब से पानी का बहाव रहा है। पुल पर जमा भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। कोतवाली प्रभारी निशा मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस सर्चिग कर रही है और स्थित के अनुसार लोगों को अलर्ट कर रही है। जल भराव एवं शहर के हालात को लेकर नगर निगम उपायुक्त विकास द्विवेदी ने बताया कि शहर के झिरिया छात्रावास एवं सरदार पटेल छात्रावास में फंसे बच्चों को सुरक्षित निकाला गया है। हालात पर नजर रखी जा रही है।
बीहर बराज के सभी 18 गेट खोले गए
रीवा जिले में लगातार हो रही बारिश एवं जल भराव को देखते हुए प्रशासन ने गुरुवार सुबह बीहर बराज के सभी 18 गेट पूरी तरह खोल दिए हैं। वर्तमान में बीहर बराज से 1879 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि बकिया बराज के 13 गेट 1.075 सेंटीमीटर और 3 गेट 50 सेंटीमीटर खोलने के साथ ही टमस नदी में 2412 क्यूमेक्स पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। इसके अलावा अदवा बराज के भी 5 गेट खोले गए हैं और बेलन नदी पहले ही खतरे के निशान से पांच फीट ऊपर बह रही है। टमस और बीहर नदी के भारी उफान के कारण त्यौंथर के तराई क्षेत्रों में बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए हैं। बीहर नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इस आपदा से निपटने के लिए प्रशासन ने तराई क्षेत्र के प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर राहत शिविरों में भेजना शुरू कर दिया है और स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
खैरा बस्ती में भरा पानी
चोरहटा स्थित वार्ड क्रमांक 4 की खैरी बस्ती चारों ओर से पानी से घिर जाने के कारण पूरी तरह मुख्य मार्ग से कट गई है। आवागमन के सभी रास्ते पूरी तरह जलमग्न हो जाने के कारण स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार सुबह से ही युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसके तहत एसडीआरएफ की टीम विशेष नाव के साथ मौके पर पहुंची और जलभराव के बीच फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस राहत एवं बचाव कार्य की संवेदनशीलता को देखते हुए नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन स्वयं मौके पर मौजूद रहकर पूरे अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसके साथ ही, शहर के अन्य प्रभावित इलाकों में भी प्रशासनिक टीमें लगातार मुस्तैद हैं, जिसके तहत शारदापुरम क्षेत्र में पानी के बीच घर में फंसे दो वृद्धजनों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।
क्योटी जलप्रपात पर दिखा अद्भुत नजारा
भारी वर्षा के चलते रीवा-कटरा-प्रयागराज मार्ग पर महाना नदी का पुल जलमग्न हो गया है, जिसके कारण इस मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद करना पड़ा है। वहीं, मूसलाधार बारिश के इस दौर में इतिहास में पहली बार महाना नदी का पानी क्योटी के सूखे और नदी वाले दोनों वाटरफॉल तक पहुँच गया है, जिससे वहां एक बेहद विहंगम और अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। हालांकि नदी का जलस्तर और बहाव काफी तेज है, लेकिन गनीमत यह है कि इस तेज बहाव के बीच भी वहां स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर पूरी तरह सुरक्षित है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह सतर्क है और लोगों से संवेदनशील तथा जलमग्न क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
अमहिया नाले का घरों में घुसा पानी
शहर के अमहिया मार्ग से द्वारिका नगर की ओर जाने वाले मार्ग पर अवैध निर्माण के कारण बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। जल निकासी बाधित होने से स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे रहवासियों में प्रशासन और अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि नाले पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण के चलते थोड़ी सी बारिश में ही नाले का पानी ओवरफ्लो होकर रिहायशी इलाकों में भर जाता है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से इस अवैध निर्माण को तुरंत हटाने और जल निकासी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
गुलाब नगर गली नंबर दो में पानी के तेज बहाव में बही महिला!
शहर के सामान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गुलाब नगर गली नंबर दो में पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से एक महिला के बह जाने की सूचना मिली है। इस अप्रत्याशित घटना के बाद स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है और तुरंत इसकी सूचना प्रशासन व पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला, पुलिस बल और राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गया है, तथा तेज बहाव वाले क्षेत्रों में महिला की तलाश और रेस्क्यू ऑपरेशन पर जारी है। लगातार बारिश और जलभराव के बीच हुई इस घटना से स्थानीय नागरिकों में भारी चिंता का माहौल है, और प्रशासन द्वारा लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम का डिप्टी सीएम ने लिया जायजा
मानसून के मौसम में जल भराव और बाढ़ जैसी आपातकालीन स्थितियों से त्वरित निपटने के लिए सक्रिय किए गए नगर निगम, रीवा के बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम का उपमुख्यमंत्री ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से जिले के ताजा हालातों की जानकारी ली। प्रशासन ने नागरिकों की सहायता के लिए पहले ही टोल-फ्री नंबर जारी किए हैं, जो स्क्रीन पर दिखाई दे रहे हैं, जिसके माध्यम से संकट में फंसे लोग अपनी शिकायत दर्ज कराकर त्वरित राहत प्राप्त कर सकते हैं।

