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गीता में संपूर्ण जीवन का सार, सीएम ने कहा हर बच्चे के बस्ते में गीता

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सीएम बोले—गीता जीवन का सार, बच्चों की शिक्षा में हो शामिल

इंदौर। पवित्र गीता एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें भक्ति योग, ज्ञान योग और कर्म योग के साथ संपूर्ण जीवन का सार समाहित है। यह बाते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गीता जंयती के अवसर पर तीन दिवसीय गीता महोत्सव के अवसर पर कही है। उन्होने कहा कि यह गर्व का विषय है कि नई शिक्षा नीति-2020 में राज्य सरकार ने स्कूली पाठ्यक्रमों में गीता के ज्ञान और गोपाल कृष्ण की लीलाओं को महत्ता दी है। हम सभी के लिए यह धर्म के माध्यम से जीवन के मर्म को समझने का अवसर है। किसी के प्रति हमारा गलत भाव नहीं है, लेकिन सच्चाई और अच्छाई के साथ होना चाहिए।

गीता भवन बनेंगे संस्कृति के केन्द्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गीता को हर स्कूली बच्चे के बस्ते में होना चाहिए। गीता जयंती के अवसर पर इंदौर को गीता भवन की सौगात मिली है। प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। यह ऐसे स्थान होंगे, जहां लाइब्रेरी और कंप्यूटर साइंस के गुर भी सिखाए जाएंगे। गीता भवन भविष्य में हमारी संस्कृति के बड़े केंद्र बनेंगे।

भगवान श्री कृष्ण जनतंत्र व गणतंत्र के नायक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाभारत के युद्ध में द्वारकाधीश श्रीकृष्ण की सेना कौरवों के लिए लड़ी थी, लेकिन वे स्वयं पांडवों के साथ थे। उन्होंने कर्म और धर्म मार्ग के सिद्धांत को सर्वाेपरि रखा। भगवान श्रीकृष्ण जनतंत्र और गणतंत्र के नायक हैं। बताया जाता है कि उन्होंने द्वारिका में अपने पुत्र को राज सिंहासन पर नहीं बिठाया, बल्कि एक शिष्य को गद्दी सौंप दी थी।

अन्याय और अत्याचार का किया अंत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण-कन्हैया ने अपने बाल्यकाल से ही लीलाएं प्रारंभ कर दी थीं, उन्होंने कालिया नाग के फन पर नृत्य किया। मथुरा जाकर अन्यायी और अत्याचारी कंस का संहार किया और फिर शिक्षा ग्रहण करने के लिए उज्जैन में महर्षि सांदीपनि आश्रम आ गए। यहां पर श्रीकृष्ण के साथ उनके बड़े भाई भगवान श्री बलराम और प्रिय मित्र सुदामा ने भी एक साथ शिक्षा ग्रहण की। श्रीकृष्ण के गुरु सांदीपनि ने उनकी प्रतिभा को पहचान लिया था।

किया गया गीता पाठ

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर पहुँच कर भगवान श्रीकृष्ण के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित किया। सम्राट विक्रमादित्‍य शोध पीठ के निदेशक और वीर भारत न्‍यास के सचिव डॉ. श्रीराम तिवारी ने मुख्‍यमंत्री एवं अन्‍य अतिथियों का सम्‍मान किया। इसके पश्‍चात भगवद्गीता के 15 वें अध्‍याय पुरुषोत्तम योग का सस्वर पाठ किया गया। उल्‍लेखनीय है कि तीन दिवसीय अंतर्राष्‍ट्रीय गीता महोत्‍सव का आयोजन मध्‍यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के वीर भारत न्‍यास, जनसंपर्क विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, जेल विभाग, श्री कृष्‍ण पाथेय न्‍यास एवं जिला प्रशासन के संयुक्‍त तत्‍वावधान में आगामी 3 दिसंबर तक दशहरा मैदान में किया जाएगा।

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