सीएम मोहन ने कहा बालाघाट में होगी कैबिनेट बैठक, 60 वीर जवानों को दिया आउट-ऑफ-टर्न-प्रमोशन

बालाघाट। मध्यप्रदेश का बालाघाट अब नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो गया है और यहां के लोग शिक्षा-दिक्षा के साथ ही एक बेहतर जीवन जीने की ओर अग्रसर हो रहे हैं, जबकि बालाघाट में नक्सलियों द्वारा कभी खून की होली खेली गई, परंतु जवानों की वीरता, पुलिस की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनता के विश्वास ने क्षेत्र को नक्सल आतंक की जंजीरों से मुक्त किया। यह बाते प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को वीर शहीद जवानों को अमर जवान ज्योति के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कही है। सीएम ने कहा कि हम गर्व से कह सकते हैं कि मध्यप्रदेश की धरती अब नक्सलियों से मुक्त है। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने ऐलान किए है कि मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक बालाघाट में होगी। नक्सल मुक्त बालाघाट में पहली बार एमपी कैबिनेट की बैठक करने का निणर्य लिया गया है।

60 जवानों को दिया प्रमोशन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट में आयोजित कार्यक्रम में नक्सल मुठभेड़ में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने वाले 60 जांबाज जवानों को क्रम से पूर्व पदोन्नति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालाघाट पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचने पर सलामी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमर जवान ज्योति पर पुष्प चक्र अर्पित कर प्रदेश की शांति और सुरक्षा के लिए शहीद होने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

सीएम ने दिए यह सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईएसओ मानकों के अनुसार तैयार बालाघाट जिले के 32 पुलिस स्टेशनों और अन्य शासकीय कार्यालयों का रिमोट से लोकार्पण किया, इससे संबंधित प्रमाण पत्र भी मंच से प्रदान किए गए। इस अवसर पर पुलिस जवानों ने वो बांके अलबेले- जो वापस न लौटे- इस मिट्टी के बेटे गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नक्सल संस्मरण पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका अभिवादन किया गया। कार्यक्रम में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, सांसद भारती पारधी, पूर्व मंत्री गौरी शंकर बिसेन, एडीजी नक्सल विरोधी अभियान वेंकटेश्वर राव, पुलिस अधीक्षक बालाघाट आदित्य मिश्रा समेेत अन्य लोग उपस्थित थे।

कांग्रेस पर कसा तंज

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह खेद का विषय है कि बालाघाट में पूर्व में तत्कालीन सरकार के मंत्री लिखीराम कावरे की सरेआम हत्या कर दी गई थी। हमारे लिए यह बड़ी चुनौती थी, क्योंकि मध्यप्रदेश की 836 किलोमीटर लंबी सीमा छत्तीसगढ़ से लगती है। मध्यप्रदेश ने 38 पुलिस जवान और 27 आम नागरिक को खोया है। बाबा महाकाल के आशीर्वाद से राज्य सरकार ने नक्सलवादियों को जड़ से खत्म करने में सफलता प्राप्त की है।

इन्हे मिला आउट-ऑफ-टर्न-प्रमोशन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदोन्नति पाने वाले जवानों में उप निरीक्षक से निरीक्षक के पद पर विपिन चंद्र खलको, इंदर सिंह विदूरी, शुभम प्रताप सिंह तोमर, रत्नेश मीणा, नवदेश श्रीवास्तव को, सहायक उप निरीक्षक से उप निरीक्षक मुनेर्न्द्सिंह को, प्रधान आरक्षक से सहायक उप निरीक्षक के पद पर रूद्रीचंद जखमोला, अनिल सिंह भदौरिया, मत्ते सिंह मरावी, उज्जवल घोरमारे, मनोज कुमार यादव, देवेन्द्रे धुर्वे, रवेन्द्र कुशवाह, हरेन्द्र सिंह, प्रदीप गोसाई, विनोद कुमार मर्सकोले, उमेश कुमार पटेल, विकाश कुमार राजपूत, मुकेश सगर, विवेक परस्ते, राघवेन्द्र सिंह गुर्जर, आशीष रजक, शिवहरी मरावी, प्रवीण धुर्वे, टीकाराम ढकाल, प्रवीण कुमार, असित यादव, रामआशीष यादव, संदीप शर्मा, लोकपाल धाकड़, कृष्णा श्रेष्ठ, जितेन्द्र सिंह पटेल और वीर सिंह को पदोन्नत किया गया।

इसी तरह शकरचंद सरयाम, सुनील परियार, चन्द्रकांत पांडेय, सत्यम द्ववेदी, सुनील यादव, देवराज कलमें, सुरेन्द्र सिंह मार्काे, सुशील उईके, रामलाल भील, उमेश चन्द्र दुबे, संतोष कुमार मरावी, प्रदीप कुमार परते, राजा मालवीय, विशाल कुमार सिंह, दीपक पवार, कन्हैया मरकाम, सुनील सिंह कुशवाह, मुलायम सिंह, वरूण देव सिंह चाहर, मुनीष कुमार द्विवेदी, नीलेश, महेन्द्र सिंह, रवि कुमार यादव, छठु यादव, सलेश कुमार द्विवेदी, संजू शर्मा एवं जिला पुलिस बल के नरेन्द्र सोनवे को भी आरक्षक से प्रधान आरक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है। कार्यक्रम में हॉक फोर्स, पुलिस जवान एवं शहीद जवानों के परिजन उपस्थित थे।

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