वैश्विक बैंकिंग दिग्गज सिटी ग्रुप ने भारतीय मूल के वरिष्ठ बैंकर viswas raghavan को लगभग 52 डॉलर मिलियन यानी कि करीब 430 से 500 करोड रुपए के पैकेज पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति उनके जेपी मॉर्गन चीज से हाल ही के प्रस्थान होने के तुरंत बाद हुई है जिससे कॉरपोरेट गवर्नेंस और हायरिंग प्रोसेस पर बहस हो रही है।
Citigroup Hiring के डील और पैकेज डिटेल
सिटी ग्रुप द्वारा दिया जाने वाला पैकेज वॉल स्ट्रीट के हाल ही के समय में बड़े कंपनसेशन पैकेज में से एक माना जारहा है। जानकारी के मुताबिक या भुगतान कई सालों में शेर और बोनस के रूप में संरक्षित किया गया है। कंपनी के ऑफिशियल बयान में बताया गया है कि viswas raghavan को उनके वैश्विक डील मेकिंग एक्सपीरियंस और लीडरशिप की क्षमता के आधार पर नियुक्ति दी गईहै। जिस बैंक अपने निवेश बैंकिंग कारोबार को और भी मजबूत कर सकता है।
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JPMorgan से बाहर निकलने के कारण क्या है
जेपी मॉर्गन से viswas raghavan के बाहर निकालने के पीछे कार्यस्थल के व्यवहार को लेकर उठे आरोपी के बारे में चर्चा हो रही है। हालांकि इन सभी आरोपों पर पब्लिकली रूप से कोई बड़ी जानकारी नहीं मिली है लेकिन निवेश करने वाले विश्लेषकों के अनुसार इस तरह के मामलों में कंपनियां आमतौर पर आंतरिक एनालिसिस करने के बाद ही फैसला लेती है। हालांकि स्टॉक एक्सचेंज डाटा या फिर ऑफिशियल फीलिंग में इन सभी आरोपी के बारे में कोई विस्तार से जानकारी नहीं मिलती है जिससे यह मुद्दा मुख्य रूप से मीडिया रिपोर्ट तक ही सीमित रहता है। इस कारण इसको पूरे तथ्य के रूप में नहीं देखना चाहिए।
Citigroup Hiring का बाजार और निवेशकों पर क्या है असर
निवेश करने वाले विश्लेषकों के अनुसार इस तरह की हाई प्रोफाइल नियुक्तियां आमतौर पर निवेश करने वाले लोगों के लिए संकेत होती है कि कंपनी अपने कोर बिजनेस विशेष तौर पर निवेश करने की बैंकिंग में आक्रामक विस्तार की प्लानिंग को अपनाने जा रहा है। हालांकि कुछ विशेषण क्यों काम मानना है कि बड़े पैकेज और विवादित पृष्ठभूमि वाले अधिकारियों की नियुक्ति से रेपुटेशन रिस्क बढ़ जाता है इससे कर्मचारियों के मनोबल और कारपोरेट क्षेत्र पर असर देखने को मिल सकता है।
क्या है विशेषज्ञों की राय और सेक्टर ट्रेंड
बैंकिंग सेक्टर की जानकारी के अनुसार वॉल स्ट्रीट में रेनमेकर्स यदि बड़े दिल करने वाले अधिकारियों की मांग हमेशा से बनी ही रहती है और कंपनियां उनके लिए प्रीमियम भुगतान करने को तैयार भी रहती है। निवेश करने वाले विश्लेषकों के अनुसार या ट्रेंड दिखता है की परफॉर्मेंस ड्राइविंग हायरिंग अभी भी प्राथमिकता है लेकिन एनवायरमेंटल, सोशल, गवर्नेंस मानक के बढ़ते महत्व के कारण कंपनी को संतुलन बनाना होगा।
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क्या है आगे का आउटलुक
Citigroup की ये प्लानिंग नियुक्ति निवेश बैंकिंग बिजनेस को गति दे सकती है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव आने वाले क्वार्टर के प्रदर्शन और डील प्पर ही निर्भर करेगा। निवेश करने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह नियुक्ति पॉजिटिव वेबसाइट परिणाम देती है तो यह मॉडल अन्य बैंकों द्वारा भी अपनाया जा सकता है। ध्यान रहे ये लेख सूचना के उद्देश्य से हैं, इसको किसी भी तरह की निवेश की सलाह के रूप में ना ले।

