Cigarette Price After 1 February: सिगरेट, पान मसाला और तंबाकू प्रोडक्ट्स के शौकीनों के लिए महंगाई की नई मार तैयार है। 1 फरवरी 2026 से GST कंपेंसेशन सेस खत्म हो जाएगा, लेकिन इन प्रोडक्ट्स पर टैक्स और बढ़ जाएगा। (GST Compensation Cess End Cigarettes Pan Masala) नतीजा – 18 रुपये वाली सिगरेट की कीमत 72 रुपये तक पहुंच सकती है। (Cigarette Price Hike 18 to 72 Rupees) केंद्र सरकार ने कंपेंसेशन सेस खत्म करने का फैसला लिया है, लेकिन इन ‘डिमेरिट गुड्स’ पर पहले से लगे सेस को जारी रखा जाएगा, जिससे कीमतें और ऊपर जाएंगी। (Demerit Goods Tax Increase Tobacco Products) ये बदलाव सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला, गुटखा और चबाने वाले तंबाकू पर लागू होगा। (Tobacco Products Price Rise February 2026)
कंपेंसेशन सेस खत्म , लेकिन टैक्स क्यों बढ़ेगा
GST कंपेंसेशन सेस 2017 में शुरू हुआ था, जो राज्यों को GST से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए था। ये सेस 30 जून 2022 में खत्म हो गया था, लेकिन डिमेरिट गुड्स पर इसे मार्च 2026 तक बढ़ाया गया था। अब 1 फरवरी से ये सेस पूरी तरह खत्म हो जाएगा। लेकिन सिगरेट और तंबाकू प्रोडक्ट्स पर पहले से लगे अलग सेस (हेल्थ सेस) जारी रहेगा, जो कंपेंसेशन सेस से ज्यादा है। नतीजा – कंपेंसेशन सेस हटने से राहत नहीं, बल्कि ज्यादा टैक्स लगेगा।
सिगरेट की कीमतें कैसे बढ़ेंगी: 18 वाली 72 रुपये तक (
Cigarette Price Hike 2026: उदाहरण के लिए:
- 18 रुपये वाली सिगरेट पर अब ज्यादा सेस लगेगा, कीमत 72 रुपये तक पहुंच सकती है।
- महंगे ब्रांड्स पर भी 20-30% इजाफा संभावित। पान मसाला, गुटखा और तंबाकू प्रोडक्ट्स की कीमतें भी 15-25% बढ़ेंगी।
सिगरेट और तंबाकू को ‘डिमेरिट गुड्स’ कहा जाता है, जिन पर हाई टैक्स से खपत कम करने और राजस्व बढ़ाने का लक्ष्य है। (Sin Tax Tobacco Products India) सरकार का कहना है कि ज्यादा टैक्स से लोग तंबाकू छोड़ेंगे। (Tobacco Consumption Reduction High Tax) लेकिन इंडस्ट्री का दावा है कि महंगाई से ब्लैक मार्केट और स्मगलिंग बढ़ेगी।

