Chitrakoot Kidnap Murder Case: चित्रकूट जिले में कारोबारी अशोक केसरवानी (Ashok Kesarwani) के 13 साल के बेटे आयुष केसरवानी (Ayush Kesarwani Murder Chitrakoot) के अपहरण और क्रूर हत्या ने पूरे उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। गुरुवार शाम 6 बजे अपहरण के महज 2 घंटे बाद ही बदमाशों ने बच्चे का गला रस्सी से घोंटकर और छाती पर पत्थर मार-मारकर हत्या कर दी। शव को एल्युमिनियम के बक्से में बंद करके छिपाया गया। शुक्रवार सुबह पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर बदमाशों को घेरा। मुठभेड़ में मुख्य आरोपी कल्लू (70 वर्ष) एनकाउंटर में मारा गया, जबकि उसका साथी इरफान पैर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल है।
चित्रकूट अपहरण कांड की टाइमलाइन
- गुरुवार शाम 6 बजे: कारोबारी अशोक केसरवानी का बेटा आयुष घर के बाहर खेल रहा था। अचानक लापता हो गया।
- गुरुवार रात 8 बजे: अपहरणकर्ताओं ने वॉट्सऐप कॉल कर 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी। कहा – “पैसे नहीं दिए तो बच्चे को मार देंगे।” कारोबारी ने इनकार किया और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
- गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक: पुलिस ने फिरौती वाले नंबर की लोकेशन ट्रेस की। पता चला कि नंबर कारोबारी के घर से सिर्फ 100 मीटर दूर इरफान के घर से इस्तेमाल हो रहा था।
- शुक्रवार सुबह 5:30 बजे: पुलिस इरफान के घर पहुंची। वहां ताला लगा बक्सा मिला। ताला तोड़कर अंदर देखा तो आयुष का शव मिला। गला रस्सी से घोंटा हुआ था, छाती पर कई चोट के निशान थे।
- शुक्रवार सुबह 7:30 बजे: पुलिस ने कल्लू और इरफान को बरगढ़ के परानू बाबा जंगल में घेर लिया। दोनों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में कल्लू मारा गया। इरफान पैर में गोली लगने से घायल हो गया और उसे प्रयागराज रेफर किया गया है।
Chitrakoot Ayush Kesarwani Murder News: पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी शंकरगढ़ (प्रयागराज) के रहने वाले थे। कल्लू (70 वर्ष) और इरफान कारोबारी अशोक के घर में किराए पर रहते थे। 10 सितंबर को घर खाली कराने के बाद दोनों पास के एक मकान में शिफ्ट हो गए थे। दोनों किला चौराहे पर एल्युमिनियम बक्से बनाने की दुकान चलाते थे। पिछले कई दिनों से वे आयुष को बाइक चलाना सिखा रहे थे और उसका वीडियो भी बनाया था। अपहरण भी इसी बहाने किया गया।
परिवार और व्यापारियों का गुस्सा
आयुष की मां आरती केसरवानी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का छोटा बेटा था आयुष। मां ने बताया कि वह 9वीं कक्षा में पढ़ता था और बहुत तेज था। दोनों बदमाशों को “भैया” कहकर बुलाता था।
व्यापारी अतुल केसरवानी ने कहा: “पुलिस को अपहरण की सूचना दी गई थी। समय रहते कार्रवाई होती तो आयुष जिंदा होता। सिर्फ एक एनकाउंटर करके बहादुरी दिखा रहे हैं। हमें न्याय चाहिए – खून का बदला खून।”
सतीश केसरवानी ने कहा: “बच्चे का गला रस्सी से घोंटा गया, छाती पर पत्थर मारे गए। 3-4 लोग शामिल थे। सिर्फ दो पर कार्रवाई हुई। जब तक सभी का एनकाउंटर नहीं होता, हम चुप नहीं बैठेंगे। आयुष का अंतिम संस्कार तब तक नहीं होगा जब तक सभी आरोपी खत्म नहीं हो जाते।”
परिवार और व्यापारियों ने नेशनल हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया। उनकी 5 मांगें:
- सभी आरोपियों का एनकाउंटर
- आरोपियों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई
- परिवार को 1 करोड़ मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी
- प्रदर्शनकारियों पर कोई FIR न हो
- इच्छुक व्यापारियों को आर्म्स लाइसेंस
एसएसपी सत्यपाल सिंह ने बताया कि दोनों बदमाश किराएदार थे। लोकेशन ट्रेस कर उन्हें घेरा गया। मुठभेड़ में कल्लू मारा गया। इरफान घायल है। जांच में पता चला कि दोनों पिछले कई दिनों से अपहरण की फिराक में थे।

