भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार को 1101 ट्रैक्टर लेकर निकले और खुद ट्रैक्टर चलाकर कृषक कल्याण वर्ष को हरी झंडी दिखाए है। उन्होने बताया कि मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जंहा कृषक कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। सीएम यादव ने कहा कि यह इतिहास की सबसे बड़ी ट्रैक्टर रैली है, जो किसानों के विश्वास और सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री एवं ट्रैक्टर रैली में शामिल किसान भोपाल के कोकता बायपास स्थित आरटीओ ऑफिस के से लगभग 1101 ट्रैक्टरों की रैली लेकर रवाना हुए। इस दौरान उनके साथ कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, विधायक रामेश्वर शर्मा भी ट्रैक्टर पर सवार हुए। यह रैली भोपाल के जंबूरी मैदान में सामाप्त हुई।
किसानों को दी सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक वर्ष तक चलने वाले इस कृषक कल्याण वर्ष के शुभांरभ अवसर पर ई-विकास पोर्टल, एग्री स्टैक वितरण प्रणाली और खाद आपूर्ति पोर्टल का शुभारंभ किया। इस नई व्यवस्था के तहत अब किसान पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से खाद की आसान बुकिंग और सीधे डिलीवरी की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों को खाद के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
कोदो-कुटकी को भी समर्थन मूल्य
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कोदो और कुटकी की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि एमएसपी पर की जाएगी, ताकि आदिवासी और छोटे किसानों को सीधा लाभ मिल सके। सीएम ने किसानों से अपील की कि गर्मी के मौसम में मूंग और उड़द की खेती करें, जिस पर राज्य सरकार द्वारा बोनस देने की घोषणा की गई है। साथ ही बताया कि प्रदेश में अब तक 6 वन विज्ञान केंद्रों की स्थापना की जा चुकी है।
मौसम आधारित खेती को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित में वेदर इन्फॉर्मेशन डेटा सिस्टम तैयार किया जाएगा, जिससे मौसम आधारित खेती को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से किसी का भला नहीं होगा, इसलिए किसान उड़द, मूंग और मूंगफली जैसी फसलों को अपनाकर प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें।
16 विभाग मिलकर करेगे काम
किसान कल्याण वर्ष को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने केवल कृषि विभाग ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े 16 मंत्रालयों को एक साथ जोड़ा है, ताकि गांवों में किसानों की आय बढ़ाई जा सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चना और सरसों की खेती पर विशेष शोध किया जाएगा और खाद की मारामारी की समस्या को स्थायी रूप से समाप्त किया जाएगा। खेती का रकबा बढ़ने से खाद की मांग भी बढ़ी है, जिसे देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
कांग्रेस पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बांध निर्माण में भी कांग्रेस ने कंजूसी की, जबकि हमारी सरकार ने प्रदेश के विकास को नई दिशा दी। उन्होंने सरदार पटेल के सहकारी आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे देश में दूध-दही की नदियां बहती हैं, लेकिन कांग्रेस ने इस दिशा में कुछ नहीं किया। अब राज्य सरकार दूध डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मदद करेगी। साथ ही नदी जोड़ो अभियान के तहत प्रदेश में नदियों को जोड़ा जा रहा है।
