MP: कफ सिरप कांड के बाद मोहन सरकार का बड़ा कदम, हर जिले में खुलेंगी दवा जांच लैब

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Chhindwara Cough Syrup Death Case: श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी की ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप के सेवन से छिंदवाड़ा में 24 बच्चों की मौत के बाद मोहन सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी जिलों में दवा जांच केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि दवा जांच प्रयोगशालाओं की कमी से दवाओं की गुणवत्ता जांच प्रभावित न हो।

Chhindwara Cough Syrup Death Case: मध्य प्रदेश में श्रीसन फार्मास्युटिकल्स की ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप के सेवन से छिंदवाड़ा में 24 बच्चों की मौत के बाद मोहन सरकार ने दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने प्रत्येक जिले में दवा परीक्षण प्रयोगशालाएं (ड्रग टेस्टिंग लैब) स्थापित करने का फैसला लिया है, जिसके लिए केंद्र सरकार को 211 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। इस कदम का उद्देश्य नकली और घटिया दवाओं पर रोक लगाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है।

कफ सिरप कांड, 24 बच्चों की मौत का कारण

छिंदवाड़ा में ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप के सेवन से बच्चों में गुर्दे की गंभीर समस्याएं सामने आईं, जिसके परिणामस्वरूप 24 बच्चों की मृत्यु हो गई। जांच में पता चला कि प्रदेश में केवल चार दवा परीक्षण प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं, जिसके कारण दवाओं की गुणवत्ता जांच में देरी हुई। इस कमी को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना गया।

हर जिले में दवा जांच केंद्र और ड्रग इंस्पेक्टर की नियुक्ति

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने रीवा दौरे पर बताया कि सरकार ने हर जिले में दवा जांच लैब स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 211 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है, जिसे मंजूरी मिलने पर तुरंत काम शुरू होगा। साथ ही, प्रत्येक जिले में ड्रग इंस्पेक्टर नियुक्त किए जाएंगे, जो दवाओं की गुणवत्ता, उत्पादन और बिक्री की नियमित जांच करेंगे।

मौजूदा लैब का आधुनिकीकरण

वर्तमान में भोपाल, जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर में संचालित चार दवा परीक्षण प्रयोगशालाएं देरी से परिणाम देने के लिए कुख्यात हैं। डिप्टी सीएम ने बताया कि इन लैब्स को अत्याधुनिक मशीनों से अपग्रेड किया जाएगा, ताकि तेजी से और सटीक परिणाम प्राप्त हो सकें।

आधुनिक लैब से सटीक और त्वरित जांच

नई दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे, जो कम समय में सटीक रिपोर्ट प्रदान करेंगे। यह न केवल दवाओं की गुणवत्ता में सुधार करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित करेगा।

नकली दवाओं पर लगेगी रोक

कफ सिरप कांड के बाद सरकार का यह निर्णय स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। हर जिले में जांच केंद्र स्थापित होने से नकली और घटिया दवाओं पर प्रभावी रोक लगाना आसान हो जाएगा। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग और औषधि प्रशासन की संयुक्त पहल

राज्य का स्वास्थ्य विभाग और औषधि प्रशासन विभाग मिलकर इस योजना को लागू करेंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

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