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MP: डिप्टी CM शुक्ल ने छिंदवाड़ा के CMHO और सिविल सर्जन को हटाया

MP News in Hindi

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Chhindwara Cough Syrup Case: मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने बुधवार को बताया कि राज्य में ‘दूषित’ कफ सिरप के सेवन से किडनी में संक्रमण के कारण अब तक 20 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच बच्चों की हालत गंभीर है और उनका नागपुर में इलाज चल रहा है। छिंदवाड़ा में इन बच्चों की मौत संदिग्ध रूप से किडनी फेल होने के कारण हुई है, जो ‘विषाक्त’ कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से संबंधित है।

Chhindwara Cough Syrup Case: मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने छिंदवाड़ा दौरे के दौरान दूषित कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के मामले में कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने छिंदवाड़ा के सीएमएचओ और सिविल सर्जन डॉ. नरेश गोनारे को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया। डॉ. सुशील कुमार दुबे को सीएमएचओ का प्रभार सौंपा गया है।

अब तक 20 बच्चों की मौत और पांच बच्चों का इलाज जारी

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप के सेवन से किडनी में संक्रमण के कारण छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुरना में अब तक 20 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें छिंदवाड़ा के 17, बैतूल के 2 और पांढुरना के 1 बच्चे शामिल हैं। पांच बच्चों का इलाज नागपुर के अस्पतालों में चल रहा है, जिनमें दो बच्चे एम्स, दो शासकीय अस्पताल और एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं।

शुक्ल ने कहा, “हम इस मामले में सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी के मालिक को गिरफ्तार करने के लिए छिंदवाड़ा पुलिस की एक टीम तमिलनाडु के कांचीपुरम पहुंच चुकी है।” उन्होंने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठन किया है और कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

लापरवाही के आरोप में डॉक्टर गिरफ्तार

इससे पहले, सोमवार को राज्य सरकार ने दो औषधि निरीक्षकों और खाद्य एवं औषधि प्रशासन के एक उप निदेशक को निलंबित किया था, साथ ही औषधि नियंत्रक का तबादला कर दिया था। छिंदवाड़ा के डॉ. प्रवीण सोनी को लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

मंगलवार को नागपुर में इलाज के दौरान दो और बच्चों की मौत हुई, जबकि एक बच्चे की मौत सोमवार को हुई थी। शुक्ला ने नागपुर में इलाजरत बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों को सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सरकार ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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