Cheque Bounce Rules in India: चेक बाउंस में 2 साल की जेल, क्या है कानूनी नियम!

Cheque Bounce Rules in India: वर्तमान समय में पेमेंट करने के लिए ज्यादातर लोग UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन अभी भी चेक से पेमेंट कम नहीं हुआ है. जी हां अभी भी लोग बड़ी पेमेंट करने के लिए चेक को सुरक्षित मानते हैं और पेमेंट करने के लिए चेक का ही इस्तेमाल करते हैं. गौरतलब है कि, चेक पेमेंट करने पर कई बार चेक बाउंस भी हो जाता है यानी चेक से होने वाली पेमेंट फेल हो जाती है. अक्सर लोग चेक बाउंस या ऑटो-डेबिट फेल होने को छोटी सी गलती मान लेते हैं, लेकिन इसका असर बहुत गंभीर हो सकता है. आपको बता दें कि खासकर अगर मामला चेक बाउंस का है, तो यह सिर्फ बैंक चार्ज तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कानूनी कार्रवाई तक पहुंच सकता है. चलिए बताते हैं इस पर क्या हैं कानूनी नियम कायदे……

चेक बाउंस कानूनी नियम (Cheque Bounce Legal Rules)

अब आपको बता दें कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत, अगर कोई चेक बाउंस होता है और भुगतान 15 दिन के अंदर नहीं किया जाता, तो आपके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है. इस स्थिति में 2 साल तक की जेल, चेक राशि का दोगुना तक जुर्माना या दोनों सजा भी हो सकती हैं. हालांकि, यह नियम सिर्फ चेक बाउंस पर लागू होता है. ऑटो-डेबिट या NACH फेल होने पर आमतौर पर आपराधिक मामला नहीं बनता लेकिन आर्थिक नुकसान जरूर होता है.

यह भी बता दें कि, जब भी चेक या NACH फेल होता है, तो बैंक 250 रुपये से 750 रुपये तक प्रति बार चार्ज लगा सकता है. अगर आपकी EMI, किराया या क्रेडिट कार्ड भुगतान फेल हुआ है, तो लेंडर अलग से लेट फीस, बाउंस चार्ज और ब्याज भी वसूल सकता है.

Credit Score पर असर

दूसरा एक बड़ा नुकसान ये होता है कि पेमेंट फेल होने पर असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है. जी हां EMI या क्रेडिट कार्ड भुगतान समय पर नहीं करने पर आपका स्कोर 50 से 70 अंक तक गिर सकता है, जिससे भविष्य में लोन लेने में दिक्कत आ सकती है. साथ ही लगातार पेमेंट फेल होने से और भी कई दिक्कतें हो सकती हैं. इसमें लोन री-स्ट्रक्चरिंग में दिक्कत, भविष्य के लोन पर ज्यादा ब्याज, होम लोन जैसे बड़े लोन की पात्रता कम जैसी दिक्कतें शामिल हैं.

चेक बाउंस होने की प्रमुख वजहें

अक्सर लोगों को लगता है कि चेक बाउंस केवल बैंक अकाउंट में पैसा कम होने की वजह से होते हैं लेकिन इसके और भी कई कारण हो सकते हैं. जैसे कि आपने गलत बैंक डिटेल, अकाउंट ऑटो-डेबिट लिमिट कम होना, NACH/ECS नेटवर्क फेल, बैंक सिस्टम एरर, अकाउंट बंद या बदलना जैसे कारणों से भी कई बार चेक बाउंस हो जाता है.

घबराएं नहीं ऐसे लें काम

अगर आपका चेक बाउंस हो जाता है तो घबराएं नहीं इन्हीं आसान नियमों को फॉलो करके आप इससे होने वाले नुकसान से बच सकते हैं.

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