Changing picture of villages due to door-to-door garbage collection system: रीवा। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में निकलने वाले कचरे के समुचित प्रबंधन एवं निष्पादन हेतु जिले में गांव-गांव में नाडेप एवं कचरा संग्रहण केन्द्र का निर्माण कर एक ओर जहां गांवों को कचरा मुक्त स्वच्छ गांव का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर घरों से निकलने वाले कचरे का सही निस्तारण कर कचरे से कंचन, अर्थात कचरे को आमदनी का जरिया बनाया जा रहा है। कलेक्टर प्रतिभा पाल एवं सीईओ जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर के निर्देशन में जिले की पडरी, बडीहर्रई, जनकहाई, भनिगवां, बीरपुर, महसांव, बजरंगपुर, नौबस्ता, बरहुला सहित कई गांवों में कचरा संग्रहण का कार्य किया जा रहा है।
गांवों में कचरा संग्रहण का कार्य स्वसहायता समूहों के माध्यम से कराया जा रहा है। समूह एवं ग्राम पंचायत के मध्य अनुबंध निष्पादित कर कचरा संग्रहण के कार्य को मूर्त रूप दिया गया है। ग्राम पंचायत द्वारा चिन्हित समूह को साइकल रिक्शा अथवा कचरा गाडी उपलब्ध कराई गई है जिसके माध्यम से समूह की महिलाएं डोर-टू-डोर कचरा संग्रह करती हैं। गांव से एकत्र होने वाले कचरे को समूह द्वारा कचरा पृथक करण केन्द्र में ले जाया जाता है तदुपरांत वहां कचरे को अलग अलग किया जाता है इसके बाद उस कचरे को कबाडी को बेच दिया जाता है। इस कार्य सेे समूह की महिलाओं की आय में भी बढोतरी हुई है। समूह की महिलाओं द्वारा कचरा संग्रहण के साथ-साथ घरों से स्वच्छता कर वसूलने का कार्य भी किया जा रहा है ताकि ग्राम पंचायत स्वच्छता संबंधी कार्यों के लिये आत्म निर्भर रह सके। ग्रामीण अंचल में लोग अपने गांव को साफ सुथरा करने के लिये आगे आ रहे हैं साथ ही इनसे प्रेरणा लेकर अन्य गांव के लोग भी स्वच्छता में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।